PlayBreaking News

Switzerland Rule:रात 10 बजे टॉयलेट फ्लश करने पर जेल? स्विट्जरलैंड का अनोखा नियम! जानिए इसके पीछे की वजह

सोशल मीडिया पर अक्सर दावा किया जाता है कि स्विट्जरलैंड में रात 10 बजे के बाद टॉयलेट फ्लश करने पर जेल हो सकती है। यह बात सुनने में अजीब जरूर लगती है, लेकिन इसके पीछे की सच्चाई कुछ और है। आइए जानते हैं कि यह कानून है या सिर्फ वहां रहने वाले लोगों के लिए बनाया गया एक सामान्य नियम।
Follow on Google News
रात 10 बजे टॉयलेट फ्लश करने पर जेल? स्विट्जरलैंड का अनोखा नियम! जानिए इसके पीछे की वजह
Switzerland: रात 10 बजे फ्लश वाली कहानी!

दुनिया के अलग अलग देशों में कई ऐसे नियम हैं, जो पहली बार सुनने पर हैरान कर देते हैं। इन्हीं में से एक दावा स्विट्जरलैंड से जुड़ा हुआ है, जहां कहा जाता है कि रात 10 बजे के बाद टॉयलेट फ्लश करना अपराध माना जाता है। यह बात सोशल मीडिया और इंटरनेट पर लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई है। कई लोग इसे सख्त सरकारी कानून मानते हैं, जबकि कुछ इसे अफवाह बताते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इस दावे की सच्चाई क्या है और आखिर स्विट्जरलैंड में ऐसा नियम क्यों बनाया गया।

क्या सच में फ्लश करने पर हो सकती है कार्रवाई?

स्विट्जरलैंड अपनी खूबसूरत वादियों, साफ-सफाई और शांत माहौल के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहां रहने वाले लोग शोर-शराबे से बचना पसंद करते हैं। इसी वजह से इंटरनेट पर यह दावा अक्सर वायरल होता है कि रात 10 बजे के बाद टॉयलेट फ्लश करने पर सजा मिल सकती है। हालांकि, यह पूरी तरह सच नहीं है। पूरे देश में ऐसा कोई राष्ट्रीय कानून लागू नहीं है, जो रात में फ्लश करने पर रोक लगाता हो।

सरकारी कानून नहीं, मकान के नियम हैं वजह

असल में स्विट्जरलैंड के कई अपार्टमेंट और रिहायशी इमारतों में मकान मालिक अपने किरायेदारों के लिए कुछ घरेलू नियम तय करते हैं। इन्हें वहां की भाषा में हाउसऑर्डनंग कहा जाता है। इन नियमों का मकसद सभी लोगों के लिए शांत वातावरण बनाए रखना होता है। कई पुराने Apartment में रात के समय तेज आवाज से दूसरे लोगों को परेशानी हो सकती है। इसी कारण कुछ जगहों पर देर रात फ्लश का इस्तेमाल कम करने की सलाह दी जाती है।

ये भी पढ़ें: Friendship Tips: दोस्त तो हैं, फिर भी ग्रुप में खुद को Left-Out महसूस करते हैं? इन संकेतों से जानिए आपकी असली जगह

आखिर शोर को लेकर इतनी सख्ती क्यों?

स्विट्जरलैंड में कई पुरानी इमारतें ऐसी हैं, जहां दीवारें पतली होती हैं और आवाज आसानी से एक फ्लैट से दूसरे फ्लैट तक पहुंच जाती है। रात के समय जब आसपास पूरी तरह शांति होती है, तब फ्लश जैसी सामान्य आवाज भी पड़ोसियों को परेशान कर सकती है। इसी वजह से कई मकान मालिक किरायेदारों से रात में शोर कम रखने की उम्मीद करते हैं। इसका मकसद किसी को दिक्कत पहुंचाना नहीं, बल्कि सभी के आराम का ध्यान रखना होता है।

ये भी पढ़ें: Smartphone-Laptop Price Cut! स्मार्टफोन, लैपटॉप और स्मार्ट टीवी हो सकते हैं सस्ते, सरकार ने हटाई कस्टम ड्यूटी; 2029 तक मिलेगी राहत

नियम नहीं मानने पर क्या हो सकता है?

अगर किसी किरायेदार के रेंट एग्रीमेंट में यह नियम शामिल है और वह बार बार इसका पालन नहीं करता, तो सबसे पहले मकान मालिक उसे चेतावनी दे सकता है। कुछ मामलों में पड़ोसी भी शिकायत कर सकते हैं लेकिन केवल रात 10 बजे के बाद फ्लश करने पर सीधे जेल भेजने जैसी बात सही नहीं है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts