संडे पॉजिटिव स्टोरी :सरकार की योजनाएं से आत्मनिर्भर बनी और रोजगार के द्वार भी खोले, पीपुल्स समाचार में पढ़िए तीन महिलाओं की सक्सेस स्टोरी

भोपाल की नेहा टोम्पो की पहचान एक युवा उद्यमी के रूप में बन गई है। उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के सहयोग से यूको बैंक, हबीबगंज शाखा से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 10 लाख रुपए का ऋण प्राप्त हुआ।
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सरकार की योजनाएं से आत्मनिर्भर बनी और रोजगार के द्वार भी खोले, पीपुल्स समाचार में पढ़िए तीन महिलाओं की सक्सेस स्टोरी

ब्रजेंद्र वर्मा, भोपाल। भोपाल जिले की शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर आत्म निर्भर बन रही हैं। खुद तो आर्थिक रूप से समृद्ध बनी हैं, साथ ही बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए रोजगार के द्वार खोल रही हैं। सरकारी योजनाओं का सहारा लेकर महिलाओं ने छोटे-छोटे स्टार्टअप्स शुरू किए। इतना ही नहीं फूलों की खेती भी कर रही हैं।  पीपुल्स समाचार में पढ़िए  ऐसी ही तीन महिलाओं की कहानी, जो आत्म निर्भर बनकर महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश कर रही हैं।

नाम : लक्ष्मी बाई
योजना : राष्ट्रीय विकास परियोजना
कितने लोगों को रोजगार  : 20 से अधिक
आय- 3 से 4 लाख मासिक
पॉलीहाउस से बदली किस्मत :
भोपाल जिले की बरखेड़ा बोंदर गांव की लक्ष्मीबाई कुशवाह ने उद्यानिकी विभाग की सहायता से साल 2020-21 मेंं संरक्षित खेती अपनाकर न सिर्फ अपनी आय बढ़ाई बल्कि 20 से अधिक लोगों को रोजगार भी दिया। उन्होंने राष्ट्रीय विकास परियोजना के तहत 3000 वर्गफीट क्षेत्र में पॉलीहाउस का निर्माण कराया। इसमें कुल लागत लगभग 25 लाख आई। इसमें सरकार की ओर से 12 लाख 66 हजार रुपए का अनुदान दिया गया। अब इनके पास तीन पॉलीहाउस हो गए हैं। इनमें वे फूलों की विभिन्न किस्मों की खेती कर रही हैं।  यहां से हर रोज करीब 3 से 4 हजार कट फ्लॉवर का उत्पादन होता है। वर्तमान में उनके खेत में उगाए गए गुलाब के फूल भोपाल, इंदौर सहित मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों के में जा रहे हैं।

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नाम : नेहा टोप्पो
योजना : प्रधानमंत्री मुद्रा
कितनों को रोजगार : 25
नारी शक्ति का नया उदाहरण पेश कर रहीं नेहा टोप्पो :
भोपाल की नेहा टोम्पो की पहचान एक युवा उद्यमी के रूप में बन गई है। उन्हें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के सहयोग से यूको बैंक, हबीबगंज शाखा से प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 10 लाख रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। इससे उन्होंने 15 नई सिलाई मशीनें, प्रेस मशीन और अत्याधुनिक ड्रेस कटिंग मशीनें खरीदीं। इससे पहले नेहा ने पुणे से फैशन डिजाइनिंग में स्नातक किया है।  नौकरी के दौरान उनके मन में यह विचार आया कि वे केवल नौकरी तक सीमित न रहकर स्वयं का उद्यम स्थापित करें । वे भोपाल लौटीं और एक छोटी यूनिट शुरू की। उनके बनाए गारमेंट प्रोडक्ट की प्रदेश ही नहीं देश के कई शहरों में डिमांड है। 

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नाम : प्रतिभा तिवारी
योजना : पीएमएफएमई 
कितनों को रोजगार : 250 से अधिक 
प्रतिभा तिवारी ने मिलेट उत्पादों से बनाई नई पहचान 
प्रतिभा तिवारी भोपाल की प्रगतिशील महिला किसान के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। तिवारी ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारीकरण योजना ( पीएमएफएमई ) से लोन लिया । साल 2016 में उन्होंने भूमिशा आॅर्गेनिक्स के साथ अपनी यात्रा शुरू की। 2024 में अम्मा द टेस्ट आॅफ ट्रेडिशंस ब्रांड के नाम से मिलेट आधारित 28 तरह के खाद्य उत्पाद बाजार में उतारे।  इसमें केक दलिया, कुकीज, सूप, उपमा सहित अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं। भोपला में 22 कर्मचारी कार्यरत हैं और संस्थान देशभर के लगभग 2000 किसानों से जैविक उत्पाद प्राप्त करता है। प्रदेश के 76 गांवों में उन्होंने 250 से अधिक महिलाओं को रोजगार दिया है।

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इनका कहना

शुक्रवार को भोपाल के र्इंटखेड़ी में स्व-सहायता समूह की दीदियों से मिला। उनकी ओर से बनाए हुए विभिन्न उत्पाद देखे। महिलाएं स्वरोजगार से महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर आत्म निर्भर बन रही हैं। शासन की योजनाओं का लाभ महिलाओं का मिल रहा है। इससे महिलाएं स्वयं आर्थिक रूप से समृद्ध हो रही हैं और दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।
-प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर भोपाल

Aakash Waghmare
By Aakash Waghmare

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