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अध्ययन में दावा- हार्ट फेलियर से बचा सकती है कोविड की वैक्सीन

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने कहा - इससे ब्लड क्लॉटिंग का जोखिम भी कम
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अध्ययन में दावा- हार्ट फेलियर से बचा सकती है कोविड की वैक्सीन

नई दिल्ली। कोविड-19 वैक्सीन के प्रभावों को लेकर किए गए एक हालिया अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बताया कि वैक्सीन से हृदय स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक असर नहीं होता है, बल्कि ये टीके हार्ट फेलियर के जोखिमों से सुरक्षा देने वाले पाए गए हैं। अध्ययनकर्ता कहते हैं, कोविड वैक्सीन ले चुके लोग अगर कोरोना वायरस के संक्रमण के शिकार होते हैं तो उनमें अस्पताल में भर्ती होने या मृत्यु का खतरा कम होता है। कोविड-19 वैक्सीन से होने वाले फायदों को जानने के लिए किए गए हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया है कि ये टीके हार्ट फेलियर होने के जोखिमों को भी कम करने में सहायक हो सकते हैं।

इंग्लैंड में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने बताया जिन लोगों को कोविड-19 टीके लगे हैं उनमें हार्ट फेलियर का जोखिम उन लोगों की तुलना में कम देखा जा रहा है, जिन्होंने टीके नहीं लगवाए हैं। हार्ट जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन की रिपोर्ट के मुताबिक टीके लगवाने के एक साल तक ये हार्ट को सुरक्षा देती हुई देखी जा रही है। वैक्सीनेशन के करीब 10-12 माह तक ये हृार्ट इंफ्लामेशन और रक्त के थक्कों को कम करने में मददगार पाई गई है।

ब्रिटेन, स्पेन और एस्टोनिया में रहने वाले दो करोड़ लोगों के डेटा का किया गया विश्लेषण

लेखकों ने बताया, महामारी की शुरूआत से ही इस बात को लेकर काफी चर्चा होती रही है कि कोरोनावायरस से संक्रमितों में ब्लड क्लॉटिंग की समस्या हो सकती है। अब इस शोध में दावा किया गया है कि टीकों की मदद से, कोरोना के इस गंभीर दुष्प्रभावों से बचाव किया जा सकता है। विश्वविद्यालय में ऑर्थोपेडिक्स, रुमेटोलॉजी और मस्कुलोस्केलेटल साइंसेज में प्रोफेसर और अध्ययन के प्रमुख लेखकों में से एक नूरिया मर्केड बेसोरा कहते हैं, हमारे निष्कर्ष इस तथ्य को पुष्ट करते हैं कि टीके संक्रमण को कम करने में प्रभावी हैं और गंभीर जोखिमों को भी कम करते हैं। ये परिणाम उन लोगों के लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं जो टीके के दुष्प्रभावों के संभावित जोखिम के बारे में चिंतित हैं।

शोधकर्तार्ओ ने यूनाइटेड किंगडम, स्पेन और एस्टोनिया में रहने वाले दो करोड़ से अधिक लोगों के स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण किया है। लगभग आधे लोगों को बायोएनटेक/फाइजर, मॉडर्ना, एस्ट्राजेनेका या जॉनसन एंड जॉनसन द्वारा बनाए गए शॉट्स लगाए गए थे। इन टीकों को हार्ट के लिए काफी लाभप्रद बताया गया है। पहले के अध्ययनों में विशेषज्ञों ने चिंता जताते हुए कहा था कि कोरोना संक्रमण की स्थिति गंभीर रूप से हार्ट को नुकसान पहुंचाती है, ब्लड क्लॉटिंग का खतरा हो सकता है जिससे हार्ट अटैक के खतरे भी बढ़ जाते हैं। हालांकि वैक्सीन के कारण इस तरह का कोई भी दुष्प्रभाव नहीं देखा गया है, बल्कि कोविड वैक्सीन हृदय के लिए फायदेमंद हो सकती है। वैक्सीन को लेकर किसी प्रकार की चिंता करने का जरूरत नहीं है, ये पूरी तरह से सुरक्षित पाई गई है।

डेंगू से बचाव के लिए भारत ने बनाई वैक्सीन

नई दिल्ली। हैदराबाद स्थित इंडियन इम्यूनोलॉजिकल्स लिमिटेड (आईआईएल) ने डेंगू से बचाव का टीका तैयार करने का दावा किया है। आईआईएल के प्रबंध निदेशक डॉ. के आनंद कुमार ने दावा किया है कि यदि सब कुछ ठीक रहा, तो इसके सभी परीक्षण पूरे होने के बाद लगभग दो साल (2026 मध्य) में यह टीका लोगों को लगाया जा सकेगा। डॉ. कुमार ने बताया है कि इस टीके के पहले चरण का परीक्षण पूरा कर लिया गया है जबकि दूसरे और तीसरे चरण के परीक्षण जल्द ही शुरू होंगे। आईआईएल इस समय डेंगू के अलावा जीका वायरस और क्यासानूर फॉरेस्ट डिजीज से निपटने वाले टीकों के विकास में भी जुटा है। आईआईएल केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत आने वाले नेशनल डेयरी डवलपमेंट बोर्ड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।

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By People's Reporter
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