जबलपुर: कैंसर के इलाज में मददगार एआई, डॉ. गौरव अग्रवाल बोले- इतनी जल्दी डॉक्टरों की जगह नहीं लेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

जबलपुर। यह बात लखनऊ के ब्रेस्ट कैंसर सर्जन एवं इंडियन एसोसिएशन ऑफ एंडोक्राइन सर्जन्स के अध्यक्ष डॉ. गौरव अग्रवाल ने जबलपुर में आयोजित एसोसिएशन की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के दौरान पीपुल्स समाचार को दिए गए साक्षात्कार में कही।
जोखिम वाले मरीजों की जल्द पहचान
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि कैंसर के डायग्नोसिस में पैथोलॉजी और उपचार में रेडियोथेरेपी के क्षेत्र में एआई की उपयोगिता बढ़ रही है। इसकी मदद से कैंसर के संदिग्ध मरीजों में अधिक जोखिम वाले लोगों की पहचान तेजी से की जा सकती है। इससे समय पर जांच और उपचार शुरू करने में मदद मिलती है।
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हर मरीज की जरूरत अलग इसलिए इलाज भी अलग
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि हर मरीज की स्थिति और जरूरत अलग होती है। इसलिए कैंसर का उपचार भी उसी के अनुरूप तय किया जाना चाहिए। एआई चिकित्सकों की मदद कर सकता है, लेकिन मरीज की स्थिति का आकलन और उपचार संबंधी निर्णय लेने में विशेषज्ञ डॉक्टर की भूमिका महत्वपूर्ण है।
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
उन्होंने कहा कि ब्रेस्ट कैंसर सहित अन्य कैंसर के प्रति समाज में जागरुकता बढ़ी है। केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक उपकरणों और दवाओं की उपलब्धता बेहतर हुई है। मध्य प्रदेश में भी कैंसर की रोकथाम और उपचार के लिए सकारात्मक काम हो रहा है।
मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज
डॉ. अग्रवाल का कहना है कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आयोजित चिकित्सा कॉन्फ्रेंस युवा डॉक्टरों को नई तकनीकों, आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञों के उपचार प्रोटोकॉल को समझने का अवसर देती हैं। इससे चिकित्सकों का ज्ञान बढ़ता है और मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।




















