सिवनी। शुक्रवार दोपहर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नैनपुर रेल खंड पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शहडोल से नागपुर जा रही शहडोल–नागपुर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 11754) के कुछ पहिए नैनपुर और खैररांजी स्टेशन के बीच अचानक पटरी से उतर गए। घटना जंगल क्षेत्र में हुई, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर करीब 12:30 बजे ट्रेन सामान्य गति से आगे बढ़ रही थी, तभी अचानक तेज आवाज आई और ट्रेन जोर से हिलने लगी। यात्रियों को झटका महसूस हुआ और कुछ ही पलों में ट्रेन रुक गई। जैसे ही लोगों को पता चला कि पहिए पटरी से उतर गए हैं, डिब्बों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री घबराकर खिड़की और दरवाजों से बाहर निकलने लगे। बुजुर्गों और बच्चों में डर का माहौल था, हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
ये भी पढ़ें: आईपीएल से पहले बाबा महाकाल की शरण पहुंचे पृथ्वी शॉ, मंगेतर के साथ भस्म आरती में हुए शामिल
प्रशासन के अनुसार, इस घटना में एक महिला को हल्की चोट आई है। उन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। राहत की बात यह रही कि कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। रेलवे ने पुष्टि की है कि सभी यात्री सुरक्षित हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे विभाग हरकत में आ गया। नैनपुर से तकनीकी टीम और एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (ART)को तुरंत रवाना किया गया। वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। रेल मार्ग को फिर से चालू करने के लिए जैक और क्रेन की मदद से डिब्बे को पटरी पर लाने का काम शुरू किया गया। सिंगल लाइन होने के कारण इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही कुछ समय के लिए प्रभावित हुई है।
केवलारी के एसडीएम महेश अग्रवाल ने बताया कि ट्रेन के एक डिब्बे के दो पहिए पटरी से उतर गए थे। राहत टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। क्षतिग्रस्त डिब्बे को अलग कर बाकी ट्रेन को आगे रवाना कर दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि नागपुर से डीआरएम भी मौके के लिए रवाना हुए हैं और मामले की निगरानी की जा रही है। इस घटना के बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। विशेषज्ञ टीम यह पता लगाएगी कि पहिए कैसे पटरी से उतरे — क्या रेल पटरी में कोई तकनीकी खराबी थी या ट्रेन के किसी हिस्से में समस्या थी। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही असली कारण सामने आएगा।
हादसे के कारण इस रूट पर चलने वाली अन्य ट्रेनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। कई ट्रेनें आसपास के स्टेशनों पर रोक दी गईं। इससे यात्रियों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
सबसे बड़ी राहत यह है कि इस दुर्घटना में किसी यात्री की जान नहीं गई। रेलवे ने बताया कि सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। स्थिति नियंत्रण में है और मरम्मत का काम तेजी से जारी है।