सेंधवा के दो गांवों में पागल कुत्ते ने 12 लोगों को काटा

मोरदड़ और चिखली गांवों में रविवार दोपहर एक पागल कुत्ते का आतंक रहा। उसने 12 लोगों को काटकर जख्मी कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से मार गिराया। वहीं, चार गंभीर घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
सेंधवा के दो गांवों में पागल कुत्ते ने 12 लोगों को काटा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    सेंधवा। सेंधवा ब्लॉक के मोरदड़ और चिखली गांवों में रविवार दोपहर एक पागल कुत्ते ने 12 लोगों को काट लिया। इनमें महिलाएं और बच्चे भी हैं। सबसे पहले कुत्ते ने मोरदड़ निवासी नीलेश आर्य पर हमला किया, जिसके बाद वह मुख्य मार्ग की ओर भागा और वहां मौजूद ग्रामीणों को दौड़ाकर काटता रहा। मोरदड़ गांव में 8 लोग घायल हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीण बालकिशन आर्य ने बताया कि पागल कुत्ता खेतों की ओर भागते हुए चिखली गांव पहुंच गया, जहां उसने मालसिंग कानोजे सहित चार लोगों को काट लिया। इसके बाद दोनों गांवों के ग्रामीणों ने लाठियों और डंडों से कुत्ते को घेरकर मार गिराया। 

    चार घायलों जिला अस्पताल भेजा

    सिविल अस्पताल सेंधवा के ड्यूटी डॉक्टर संजय धाकड़ ने बताया कि सभी घायलों को एंटी रेबीज वैक्सीन, हीमोग्लोबिन इंजेक्शन, टिटनेस और आवश्यक दवाएं दी गई हैं। चार लोगों को बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि तीन घायलों का इलाज सिविल अस्पताल सेंधवा में जारी है। कुत्ते के हमले से एक बुजुर्ग महिला का होंठ कट गया और दूसरी महिला की नाक की हड्डी टूट गई। 

    सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश

    उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में सभी राज्य सरकारों से कहा है कि वो आवारा कुत्तों और मवेशियों को हाईवे, सड़कों और एक्सप्रेस-वे से हटा दें। कोर्ट ने कहा, इस आदेश का सख़्ती से पालन करना जरूरी है वरना अधिकारियों को व्यक्तिगत तौर पर ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा। कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह भी निर्देश दिया कि वे सरकारी और निजी संस्थानों की पहचान करें, जिनमें अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, सार्वजनिक खेल परिसर, रेलवे स्टेशन शामिल हैं। उन्हें इस तरह घेर दें कि आवारा कुत्ते अंदर न आ सकें।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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