सलकनपुर देवीधाम में फिर दिखे तेंदुए!मंदिर की सीढ़ियों पर दो शावकों संग घूमती दिखी मादा, CCTV में कैद हुआ पूरा कुनबा

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध सलकनपुर देवीधाम में एक बार फिर तेंदुओं की मौजूदगी ने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस बार मंदिर की मुख्य सीढ़ियों पर एक मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ घूमती हुई CCTV कैमरे में कैद हुई है। वीडियो सामने आने के बाद मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।
सलकनपुर देवीधाम प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु माता विजयासन देवी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर के पास तेंदुओं की लगातार मौजूदगी लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
सीढ़ियों पर बेखौफ घूमता दिखा तेंदुआ परिवार
मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों में साफ दिखाई दे रहा है कि एक मादा तेंदुआ अपने दो छोटे शावकों के साथ मंदिर की सीढ़ियों पर आराम से घूम रही है। तीनों कुछ देर तक सीढ़ियों पर टहलते रहे और फिर जंगल की ओर चले गए। वन विभाग का मानना है कि यह मादा तेंदुआ अपने बच्चों के साथ आसपास के जंगल में रह रही है। बच्चों के साथ होने की वजह से वह ज्यादा सतर्क और आक्रामक भी हो सकती है। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही बड़ी घटना का कारण बन सकती है।

रोज हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं मंदिर
सलकनपुर देवीधाम में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। खासकर सुबह जल्दी और रात के समय भी लोग मंदिर की सीढ़ियों का उपयोग करते हैं। ऐसे समय में यदि तेंदुए का सामना किसी श्रद्धालु से हो जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि तेंदुओं की लगातार मौजूदगी से लोगों में डर का माहौल है। कई श्रद्धालु अब रात के समय मंदिर आने से बच रहे हैं।
डेढ़ महीने में तीसरी बार दिखा तेंदुआ
यह पहली बार नहीं है जब सलकनपुर क्षेत्र में तेंदुआ देखा गया हो। पिछले करीब डेढ़ महीने में यह तीसरी घटना है। इससे पहले 14 जून को भी मंदिर की सीढ़ियों के पास एक तेंदुआ CCTV कैमरे में दिखाई दिया था। लगातार सामने आ रही घटनाओं से साफ है कि तेंदुए इस क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं।
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साधु की मौत के बाद भी नहीं थमा खतरा
तेंदुओं की यह मौजूदगी लोगों को 14 मई की उस घटना की भी याद दिला रही है, जब सलकनपुर टेकरी के पास नागिन जोड़ क्षेत्र में एक साधु का शव मिला था। शुरुआती जांच में वन विभाग ने जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई थी। घटना के बाद इलाके में ट्रैप कैमरे लगाए गए थे। अगले ही दिन कैमरों में एक तेंदुआ कैद हुआ था। इसके बाद माना गया कि साधु पर तेंदुए ने हमला किया था।
इस घटना के बाद वन विभाग ने सुरक्षा बढ़ाने और तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की बात कही थी। हालांकि अब फिर तेंदुओं के दिखाई देने से लोगों का कहना है कि सुरक्षा के इंतजाम अभी भी पर्याप्त नहीं हैं।
वन विभाग ने शुरू किया सर्वे
सलकनपुर रेंजर आश्रय उपाध्याय ने बताया कि तेंदुओं की गतिविधियों को देखते हुए पूरे इलाके का सर्वे कराया जा रहा है। वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है ताकि तेंदुओं की आवाजाही पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही आसपास के गांवों और मंदिर क्षेत्र में मुनादी कर लोगों को रात के समय जंगल और मंदिर परिसर के आसपास नहीं रुकने की सलाह दी जा रही है।
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दुकानदारों को भी दी गई सलाह
वन विभाग ने मंदिर परिसर के आसपास दुकान लगाने वाले लोगों से भी समय पर दुकानें बंद करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि देर रात तक लोगों की मौजूदगी से किसी भी समय खतरा पैदा हो सकता है। वन विभाग लोगों से अपील कर रहा है कि यदि कहीं तेंदुआ दिखाई दे तो उसके पास जाने या वीडियो बनाने की कोशिश न करें। तुरंत इसकी सूचना वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें।
श्रद्धालुओं ने उठाई सुरक्षा बढ़ाने की मांग
मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि सलकनपुर देवीधाम आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां हर दिन हजारों लोग पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन को सिर्फ चेतावनी जारी करने के बजाय ठोस कदम उठाने चाहिए। फिलहाल वन विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। लेकिन लगातार तीसरी बार तेंदुओं की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि सलकनपुर देवीधाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब जल्द और प्रभावी कदम उठाना जरूरी हो गया है।











