इंदौर - नगर निगम में ‘वंदे मातरम’ विवाद अब सियासी और कानूनी दोनों मोर्चों पर गरमा गया है। कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम पर दर्ज एफआईआर के बाद पार्टी नेतृत्व भी एक्शन मोड में आ गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने पूरे घटनाक्रम को गंभीर मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
विवाद के चलते दोनों पार्षदों पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है और उनसे पूछताछ भी की जा चुकी है। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को और ज्यादा गर्मा दिया है, जहां एक ओर भाजपा लगातार हमलावर है, वहीं कांग्रेस अब अंदरूनी स्तर पर स्थिति को संभालने में जुटी है।
पार्टी ने मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए एक जांच समिति गठित की है। इस समिति में संजय दत्त और ऊषा नायडू को सदस्य बनाया गया है। समिति को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपे।
सूत्रों के मुताबिक, समिति की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस संगठन सख्त फैसला ले सकता है। पार्टी यह भी देख रही है कि इस विवाद से उसकी छवि को कितना नुकसान हुआ है और आगे क्या कदम उठाए जाएं।

AICC ने साफ कर दिया है कि इंदौर नगर निगम की बैठक के दौरान हुई घटना और उसके बाद सामने आए घटनाक्रम की निष्पक्ष, तटस्थ और तथ्य-आधारित जांच कराई जाएगी। इसी के तहत एक विशेष जांच समिति का गठन किया गया है।
इस हाई-लेवल समिति में संजय दत्त और उषा नायडू को सदस्य बनाया गया है। दोनों नेताओं को पूरे मामले की गहराई से पड़ताल करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
समिति को निर्देश दिए गए हैं कि—