मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक अहम घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अब देश की सैन्य छावनियों (कैंटोनमेंट) में दूर-दराज से आने वाली सब्जियों के बजाय स्थानीय किसानों से सीधे खरीदी गई ताजी और जैविक सब्जियां परोसी जाएंगी। इसके साथ ही सेना की कैंटीनों में ज्वार, बाजरा और रागी जैसे श्रीअन्न को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य जवानों को बेहतर और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है, साथ ही स्थानीय किसानों की आय को भी बढ़ावा देना है।
रायसेन में तीन दिवसीय राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव की शुरुआत बड़े स्तर पर की गई। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद रहे। देशभर से आए किसानों को आधुनिक खेती, ड्रोन तकनीक और उन्नत पशुपालन की जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम में 300 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां कृषि यंत्रों, सिंचाई तकनीक, डेयरी और सहकारी संस्थाओं से जुड़ी जानकारी दी जा रही है। आयोजन को तीन बड़े हैंगरों में बांटा गया है, जहां अलग-अलग विषयों पर प्रदर्शनी और तकनीकी सत्र चल रहे हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों की स्थिति सुधारना उनका मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि कृषि वैज्ञानिकों ने मध्य प्रदेश के रायसेन, विदिशा, सीहोर और देवास जिलों की मिट्टी और जलवायु का अध्ययन कर एक विशेष कृषि रोडमैप तैयार किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसान मजबूत होंगे तो देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के किसान अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि अकेला रायसेन जिला ही 47 देशों को बासमती चावल का निर्यात कर रहा है। उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
शिवराज केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि किसानों की तकदीर बदलना ही उनका लक्ष्य है, अन्यथा कुर्सी पर बोझ बनकर बैठने का कोई औचित्य नहीं। कृषि वैज्ञानिकों ने मप्र के 4 जिलों रायसेन, विदिशा, सीहोर और देवास की मिट्टी-जलवायु का अध्ययन कर एक विशेष ‘कृषि रोडमैप’ तैयार किया है।