पुणे। महाराष्ट्र के पुणे एयरपोर्ट पर शुक्रवार देर रात एक बड़ी दुर्घटना टल गई, लेकिन इसके असर से पूरे एयरपोर्ट की व्यवस्था हिल गई। भारतीय वायुसेना के एक विमान की हार्ड लैंडिंग के कारण रनवे को तुरंत बंद करना पड़ा, जिससे रातभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार रात करीब 10:25 बजे भारतीय वायुसेना का एक लड़ाकू विमान पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंडिंग के लिए आ रहा था। इसी दौरान विमान में तकनीकी खराबी आ गई। बताया गया कि, विमान का लैंडिंग गियर अचानक काम करना बंद कर गया, जिसके कारण विमान सामान्य तरीके से उतर नहीं सका और रनवे पर जोर से टकरा गया। इस स्थिति को हार्ड लैंडिंग कहा जाता है। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा कारणों से रनवे को बंद कर दिया गया, ताकि किसी अन्य विमान को खतरा न हो और स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
जब कोई विमान रनवे पर उतरते समय सामान्य गति और संतुलन बनाए रखने में असफल हो जाता है और तेज झटके के साथ जमीन को छूता है, तो उसे हार्ड लैंडिंग कहा जाता है। आमतौर पर विमान धीरे-धीरे और संतुलित तरीके से उतरता है, लेकिन तकनीकी खराबी, मौसम की खराब स्थिति या पायलट के आकलन में मामूली गड़बड़ी के कारण यह स्थिति पैदा हो सकती है। हार्ड लैंडिंग के दौरान विमान को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है और यात्रियों व क्रू को चोट भी लग सकती है, हालांकि इस घटना में ऐसा कुछ नहीं हुआ।
घटना के बाद इंडियन एयर फोर्स ने पुष्टि की है कि, सुरक्षा के मद्देनजर रनवे को तुरंत बंद कर दिया गया है। वायुसेना ने बताया कि, विमान का चालक दल पूरी तरह सुरक्षित है और किसी भी तरह की नागरिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा है। हालांकि, रनवे बंद होने के कारण एयरपोर्ट पर सभी उड़ानें रोक दी गईं और संचालन पूरी तरह प्रभावित हो गया। अधिकारियों ने तुरंत रनवे को साफ करने और स्थिति सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
रनवे बंद होने का असर पूरे एयरपोर्ट संचालन पर पड़ा और लगभग 8 घंटे तक उड़ानें प्रभावित रहीं। इस दौरान न तो कोई विमान उतर सका और न ही उड़ान भर सका। यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा और कई लोगों को अपनी यात्रा योजनाएं बदलनी पड़ीं। सुबह करीब 7:30 बजे के बाद रनवे को फिर से चालू किया गया और धीरे-धीरे उड़ान संचालन शुरू हो सका।
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इस घटना के चलते एयरपोर्ट डायरेक्टर के अनुसार कुल 91 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इनमें सबसे ज्यादा असर इंडिगो की उड़ानों पर पड़ा, जिनकी 65 फ्लाइट्स रद्द हुईं। इसके अलावा एयर इंडिया की 6, स्पाइसजेट की 5, अकासा एयर की 5 और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 10 उड़ानें भी कैंसिल करनी पड़ीं।
पुणे एयरपोर्ट एक डुअल यूज मॉडल पर काम करता है, जिसका मतलब है कि यहां एक ही रनवे का इस्तेमाल नागरिक और वायुसेना दोनों तरह के विमानों के लिए किया जाता है। इसी वजह से वायुसेना के विमान से जुड़ी इस घटना का सीधा असर कमर्शियल उड़ानों पर पड़ा। अगर यह केवल सिविल एयरपोर्ट होता, तो शायद असर सीमित रहता, लेकिन साझा उपयोग की वजह से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने भी इस घटना की जानकारी देते हुए कहा कि, सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि, एयरलाइंस को समय पर सूचित कर दिया गया था और रनवे को जल्द से जल्द चालू करने के लिए लगातार प्रयास किए गए। मंत्री ने यह भी कहा कि, वे एयरपोर्ट और वायुसेना अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि स्थिति जल्द सामान्य हो सके।
रनवे पर आवश्यक मरम्मत और सफाई का काम पूरा करने के बाद सुबह 7:30 बजे से उड़ानें फिर से शुरू कर दी गईं। अधिकारियों ने बताया कि, अब स्थिति नियंत्रण में है और दिनभर में पूरी तरह सामान्य संचालन बहाल हो जाएगा। धीरे-धीरे सभी शेड्यूल को रीसेट किया जा रहा है ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।