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PM मोदी ने किया एशिया के पहले वर्टिकल लिफ्ट सी ब्रिज का उद्घाटन, देश को मिली एक बड़ी सौगात, जानें रामेश्वरम में मौजूद इस ब्रिज में क्या है खास 

PM मोदी ने किया एशिया के पहले वर्टिकल लिफ्ट सी ब्रिज का उद्घाटन, देश को मिली एक बड़ी सौगात, जानें रामेश्वरम में मौजूद इस ब्रिज में क्या है खास 

रामनवमी के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के रामेश्वरम में देश के पहले वर्टिकल लिफ्ट रेलवे ब्रिज ‘नए पंबन ब्रिज’ का उद्घाटन किया। यह 2.08 किमी लंबा ब्रिज रामेश्वरम द्वीप को मुख्य भूमि मंडपम से जोड़ता है और एशिया का पहला वर्टिकल लिफ्ट समुद्री ब्रिज है। उद्घाटन के दौरान भारतीय रेल ने इसका एक शानदार वीडियो भी जारी किया, जिसमें दिखाया गया कि कैसे ब्रिज का उठने वाला हिस्सा ऊपर उठता है और नीचे से जहाज गुजरते हैं। पीएम मोदी ने इस मौके पर रामेश्वरम से चेन्नई के तांब्रम तक एक नई ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई और एक तटरक्षक जहाज को रवाना किया। इसके साथ अब पीएम रामनाथस्वामी मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। 

किसानों और छोटे उद्योगों को मिलेगा नई सड़क परियोजनाओं से फायदा

सरकार ने कई नई सड़क परियोजनाओं की शुरुआत की है, जिससे किसानों और छोटे उद्योगों को बड़ा फायदा मिलेगा। इसमें एनएच-40 का वालाजापेट से रानीपेट तक 28 किमी का हिस्सा, एनएच-332 का विलुप्पुरम से पुडुचेरी तक 29 किमी का हिस्सा, एनएच-32 का पांडियन कटप्पा से सत्तनतपुरम तक 57 किमी और एनएच-36 का चोलापुरम से तंजावुर तक 48 किमी का हिस्सा शामिल है। ये सड़कें धार्मिक और पर्यटन स्थलों, शहरों, मेडिकल कॉलेजों और बंदरगाहों को अच्छी तरह जोड़ेंगी। इससे किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी और छोटे-छोटे उद्योग जैसे चमड़ा उद्योग को भी फायदा होगा।

रामसेतु जैसी मजबूती वाला नया पंबन ब्रिज तैयार

रामेश्वरम को देश की मुख्य भूमि से जोड़ने वाला नया पंबन रेलवे ब्रिज बनकर तैयार है। यह ब्रिज भगवान राम के रामसेतु की तरह मजबूत और ऐतिहासिक है। इसकी लंबाई 2.08 किमी है और इसे बनाने में 550 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हुए हैं। इसमें 99 हिस्से (स्पैन) हैं और एक खास हिस्सा 72.5 मीटर लंबा है, जिसे 17 मीटर तक ऊपर उठाया जा सकता है, ताकि बड़े जहाज नीचे से निकल सकें और ट्रेनें भी बिना रुकावट चल सकें। इस ब्रिज को स्टेनलेस स्टील, खास पेंट और मजबूत वेल्डिंग से बनाया गया है, जिससे यह ज्यादा टिकाऊ और जंगरोधी है। इसमें भविष्य को देखते हुए दो रेलवे ट्रैक भी बनाए गए हैं।

पुराने ब्रिटिश ब्रिज की जगह लेगा नया ब्रिज

1914 में ब्रिटिश इंजीनियरों ने समुद्र के ऊपर पंबन ब्रिज बनाया था, जो एक सदी तक तीर्थयात्रियों और व्यापारियों के लिए रास्ता बना रहा। लेकिन समय के साथ यह ब्रिज कमजोर हो गया था और ट्रैफिक भी बढ़ गया था। इसलिए सरकार ने 2019 में नया और आधुनिक ब्रिज बनाने की मंजूरी दी।

अब भारत का यह ब्रिज भी दुनिया के टॉप ब्रिज में शामिल

इस ब्रिज का निर्माण रेलवे की नवरत्न कंपनी RVNL ने किया है। समुद्र की तेज लहरों, चक्रवात, हवाओं और मौसम की चुनौतियों के बावजूद इसे मजबूती से बनाया गया है। अब यह ब्रिज अमेरिका के गोल्डन गेट ब्रिज, लंदन के टावर ब्रिज और डेनमार्क-स्वीडन को जोड़ने वाले ओरेसुंड ब्रिज जैसी दुनिया की प्रसिद्ध पुलों की लिस्ट में शामिल हो गया है।

क्या है वर्टिकल लिफ्ट ब्रिज, जानें खासियत 

वर्टिकल लिफ्ट ब्रिज वह होता है जिसे ऊपर उठाया जा सकता है ताकि पानी के जहाज नीचे से निकल सकें। पंबन ब्रिज का बीच वाला हिस्सा 17 मीटर तक ऊपर उठ सकता है। यह पुल पुराने पुल से 3 मीटर ऊंचा है और इतना चौड़ा है कि एक साथ दो ट्रक निकल सकते हैं। इसमें स्टेनलेस स्टील और खास सुरक्षा पेंट का इस्तेमाल हुआ है जिससे यह टिकाऊ बनता है। ट्रेनें भी अब इस पर तेज और सुरक्षित चल सकेगी।

रेल मंत्री बोले- यह भारतीय रेलवे के लिए एक ऐतिहासिक पुल है

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह ब्रिज रेलवे के इतिहास का सबसे अहम ब्रिज है। यह सिर्फ एक तकनीकी चमत्कार नहीं, बल्कि तमिल संस्कृति, भाषा और विरासत को सम्मान देने का प्रतीक भी है। प्रधानमंत्री मोदी की सोच ने इस ब्रिज के अनोखे डिजाइन को जन्म दिया है। यह भारत के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में एक नया कीर्तिमान है। ये भी पढ़ें- रामनवमी पर अयोध्या में दिव्यता का उत्सव, 4 मिनट तक रामलला का सूर्य तिलक, लाखों श्रद्धालु बने साक्षी 

Akriti Tiwary
By Akriti Tiwary

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