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विवाह शून्य होने के बाद फिर साथ आए दंपति, बेटे की खातिर दोबारा लिए सात फेरे

विवाह शून्य घोषित होने के बाद भी एक दंपति अपने बेटे की खातिर फिर साथ आ गए। उन्होंने समाज और परिवार के सामने दोबारा सात फेरे लेकर अपने रिश्ते और बच्चे के भविष्य को नई दिशा दी।
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विवाह शून्य होने के बाद फिर साथ आए दंपति, बेटे की खातिर दोबारा लिए सात फेरे

पल्लवी वाघेला, भोपाल। फैमिली कोर्ट में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों को लेकर नई मिसाल पेश की है। विवाह शून्य घोषित होने के बाद अलग हो चुके एक दंपति ने अपने डेढ़ साल के बेटे की खातिर दोबारा शादी कर ली। दोनों ने मंदिर में सादा तरीके से विवाह किया और उसकी तस्वीरें व दस्तावेज कोर्ट में जमा कर अपने बीच चल रहे सभी कानूनी विवाद खत्म कर दिए।

लव मैरिज के बाद सामने आया बड़ा सच

मामले में युवक के वकील विजय सिंह तोमर के मुताबिक दोनों की पहचान सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया। शादी के समय युवक की उम्र 31 साल और युवती की उम्र 28 साल थी। हालांकि शादी के करीब डेढ़ साल बाद युवक को पता चला कि युवती ने अपनी पहली शादी की जानकारी उससे छिपाई थी। इतना ही नहीं पहले पति से तलाक का मामला भी उस समय कोर्ट में लंबित था।

युवक ने विवाह शून्य कराने पहुंचा कोर्ट

इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और युवक ने अदालत में विवाह शून्य घोषित करने की याचिका लगा दी। उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि उसकी पत्नी गर्भवती है। कुछ समय बाद कोर्ट ने युवक के पक्ष में फैसला देते हुए विवाह को शून्य घोषित कर दिया।

बेटे के जन्म के बाद बदले हालात

विवाह शून्य होने के बाद युवती ने बेटे को जन्म दिया और बच्चे के भरण-पोषण के लिए केस दायर किया। इसी दौरान युवती को उसके पहले पति से तलाक भी मिल गया। जब बच्चे के भरण-पोषण का मामला फैमिली कोर्ट के मध्यस्थता केंद्र पहुंचा तब युवक ने पहली बार अपने बेटे को देखा।

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बेटे ने फिर जोड़े रिश्ते

बताया जा रहा है कि शुरुआत में युवक समझौते के लिए तैयार नहीं था, लेकिन मीडिएशन के दौरान दोनों के बीच बातचीत फिर शुरू हुई। धीरे-धीरे बेटे के प्रति पिता का लगाव बढ़ने लगा और उसने दोबारा साथ रहने की इच्छा जताई। युवती भी इसके लिए तैयार थी लेकिन उसे आशंका थी कि युवक कहीं सिर्फ बच्चे को अपनाना तो नहीं चाहता। जब दोनों के बीच भरोसा बना तो उन्होंने दोबारा शादी करने का फैसला लिया।

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मंदिर में की शादी, कोर्ट में खत्म किए केस

दंपति ने मंदिर में सादा तरीके से सात फेरे लिए और शादी की तस्वीरें कोर्ट में जमा कीं। इसके साथ ही दोनों ने आपसी सहमति से अपने बीच चल रहे सभी कानूनी विवाद खत्म कर दिए। कोर्ट के सामने दंपति ने कहा कि अब वे अपने रिश्ते और परिवार की जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी से निभाना चाहते हैं और भविष्य में किसी विवाद को बढ़ने नहीं देंगे।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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