Naresh Bhagoria
11 Jan 2026
Manisha Dhanwani
11 Jan 2026
Aakash Waghmare
10 Jan 2026
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बाढ़ और मूसलाधार बारिश ने हालात भयावह बना दिए हैं। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 365 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हैं। सबसे ज्यादा तबाही बुनेर जिले में हुई है, जहां अकेले 225 लोगों की जान गई है।
प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के अनुसार, स्वाबी, साउथ वजीरिस्तान, टैंक, एबटाबाद और मानसेहरा जैसे जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। साउथ वजीरिस्तान के सर्वेकाई इलाके में आई भीषण बाढ़ ने कई पुल और सड़कें बहा दीं, जिससे गांव पूरी तरह कट गए। टैंक में बरसाती नालों के उफान ने शहर डुबो दिया और टैंक-वजीरिस्तान हाइवे बंद करना पड़ा।
स्वाबी जिले में मृतकों की संख्या 24 पहुंच गई है। गडून अमजई इलाके से सात और शव बरामद हुए हैं। वहीं मानसेहरा जिले में हाल ही में आई बाढ़ में 20 लोग बह गए थे, जिनमें से 18 के शव मिल चुके हैं। दो लोगों की तलाश अभी जारी है।
एबटाबाद में लोरा नगरी पुल के ढह जाने से लोरा तहसील का संपर्क रावलपिंडी जैसे बड़े शहरों से टूट गया है। इससे सैकड़ों गांव बाहरी दुनिया से कट गए हैं और राहत पहुंचाना मुश्किल हो गया है।
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देश में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तारड़ ने बताया कि 17 अगस्त से अब तक 25 हजार से ज्यादा लोगों को बचाया गया है। सेना और अर्द्धसैनिक बलों की नौ यूनिटें राहत और बचाव कार्य में लगी हैं। इनमें इंजीनियर ब्रिगेड, मेडिकल यूनिट और सर्च एंड रेस्क्यू टीमें शामिल हैं। सेना ने अब तक 6,900 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है और 585 टन राहत सामग्री बांटी है।
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने भी आपात राहत भेजनी शुरू कर दी है। इसमें तंबू, स्लीपिंग बैग, स्ट्रेचर, फर्स्ट-एड किट और फ्लडलाइट शामिल हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण हालात और बिगड़ सकते हैं।
(इनपुट एएनआई)