Naresh Bhagoria
3 Jan 2026
Manisha Dhanwani
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Manisha Dhanwani
3 Jan 2026
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की इस्लामाबाद कोर्ट ने इमराम खान से जुड़े 2023 के हिंसक प्रदर्शन मामले में बड़ा फसला सुनाया है। कोर्ट ने इसमें पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के 7 समर्थकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सातों आरोपियों पर डिजिटल आतंकवाद में शामिल के खिलाफ केस चलाया गया।
पाकिस्तान की अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि दोषी ठहराए गए लोगों ने 2023 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और अशांति फैलाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का जानबूझकर इस्तेमाल किया। कोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया, यूट्यूब और डिजिटल माध्यमों के जरिए भड़काऊ कंटेंट फैलाकर भीड़ को उकसाया गया, जिससे गंभीर स्थिति बनीं।
इस मामले में जिन लोगों को दोषी ठहराया गया है, उनमें यूट्यूबर आदिल राजा, पत्रकार वजाहत सईद खान, साबिर शाकिर, शाहीन सहबाई, टेलीविजन एंकर हैदर रजा मेहदी, राजनीतिक विश्लेषक मोईद पीरजादा और पूर्व सैन्य अधिकारी अकबर हुसैन शामिल हैं।
बता दें 2023 विरोध प्रदर्शन हिंसा से जुड़ा यह अहम फैसला इस्लामाबाद की एंटी-टेररिज्म कोर्ट के जज ताहिर अब्बास सिप्रा ने सुनाया। अदालत ने माना कि इन व्यक्तियों की गतिविधियों ने न केवल कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया, बल्कि देश में अस्थिरता बढ़ाने में भी भूमिका निभाई। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं और मुकदमे का सामना करने के लिए पाकिस्तान नहीं लौटे। इसी कारण अदालत ने उनकी गैरमौजूदगी में ट्रायल चलाया और साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया।
दूसरी ओर पुलिस ने सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि अगर दोषी ठहराए गए ये लोग पाकिस्तान लौटते हैं, तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। कोर्ट का कहना है कि कानून से बचने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्ती जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इस फैसले को पाकिस्तान में राजनीतिक उथल-पुथल, डिजिटल माध्यमों की भूमिका और कानून-व्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।