इस्लामाबाद। पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर तनाव फिर बढ़ गया है। सोमवार रात पाकिस्तान द्वारा की गई एयरस्ट्राइक में अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत के एक रिहायशी इलाके में 9 बच्चे और एक महिला मारे गए। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इस हमले की पुष्टि की और बताया कि हमले में एक घर पूरी तरह तबाह हो गया।
तालिबान प्रवक्ता मुजाहिद के अनुसार, यह हमला रात लगभग 12 बजे गरबज जिले के मुगलगई इलाके में हुआ। उन्होंने कहा कि, पाकिस्तानी विमानों ने स्थानीय नागरिक वालियत खान के घर को निशाना बनाया। मृतकों में 5 लड़के, 4 लड़कियां और एक महिला शामिल हैं। पूरे घर का ढांचा बमबारी में ध्वस्त हो गया।
मुजाहिद ने बताया कि, उसी रात कुनार और पक्तिका प्रांतों में भी हवाई हमले किए गए। जिनमें 4 आम नागरिक घायल हुए। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब पाकिस्तान खुद सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा था। उसी दिन पेशावर में फ्रंटियर कांस्टेबुलरी मुख्यालय पर हुए आत्मघाती हमले में 6 लोग मारे गए, जिनमें 3 कमांडो और 3 हमलावर शामिल थे।
पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ा है। अक्टूबर में दोनों सेनाओं के बीच झड़पें हुईं, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए। इसके बाद दोहा में युद्धविराम समझौता हुआ, लेकिन तुर्की में हुई शांति वार्ता में स्थायी समाधान नहीं निकला।
पाकिस्तान का आरोप है कि, अफगानिस्तान अपनी धरती से पाकिस्तान-तालिबान (TTP) को पाकिस्तान में हमले करने दे रहा है। अफगानिस्तान इस आरोप से इनकार करता रहा है। तालिबान सरकार TTP को आतंकवादी नहीं, बल्कि विचारधारा का साथी मानती है।
8 अक्टूबर: खैबर पख्तूनख्वा में TTP ने पाकिस्तानी सैनिकों पर हमला किया, 23 सैनिक मारे गए।
9 अक्टूबर: पाकिस्तान ने काबुल में एयरस्ट्राइक की, TTP नेता नूर वली महसूद को निशाना बनाया।
10 अक्टूबर: पक्तिका प्रांत में बाजार पर बमबारी।
11-12 अक्टूबर: तालिबान ने पाकिस्तानी चौकियों पर हमला किया।
12 अक्टूबर: अफगानिस्तान ने सीजफायर की घोषणा की, पाकिस्तान ने हमले जारी रखे।
15 अक्टूबर: पाकिस्तान ने कंधार में हमला किया, तालिबान ने जवाब में टैंक और चौकियों पर कब्जा किया।
16 अक्टूबर: तालिबान ने पाकिस्तानी सेना पर जीत का जश्न मनाया।
17-18 अक्टूबर: पाकिस्तान में आर्मी कैंप पर हमला, एयरस्ट्राइक में 3 अफगान क्रिकेटरों की मौत।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव की एक बड़ी वजह डूरंड लाइन है। यह 1893 में ब्रिटिश भारत और अफगानिस्तान के बीच खींची गई थी और अब भी दोनों देशों में सीमा का मुद्दा बनी हुई है।
लंबाई: 2430 किमी
गुजरती है: बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और कबायली इलाके से
तालिबान इसे मानता नहीं है और इसे खत्म करने का दावा करता है।