नई दिल्ली। संसद में गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार (29 जुलाई 2025) को कहा कि पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने लोगों को धर्म पूछकर मारा। यह अमानवीय और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस हमले के जवाब में प्रधानमंत्री ने तुरंत और दृढ़ निर्णय लेते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' की अनुमति दी। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया।
अमित शाह ने संसद में ‘ऑपरेशन महादेव’ की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में लश्कर-ए-तैयबा के तीन खूंखार आतंकियों – सुलेमान उर्फ फैजल, अफगान और जिब्रान को मार गिराया। सुलेमान लश्कर का कमांडर था और पहलगाम व गगनगीर हमलों में शामिल था। अफगान और जिब्रान भी लश्कर से जुड़े आतंकी थे। गृहमंत्री ने कहा कि इन आतंकियों ने बैसरण घाटी में आम नागरिकों की हत्या की थी और अब उन्हें मार गिराया गया है।
गृहमंत्री ने बताया कि सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर यह ऑपरेशन चलाया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर पुलिस की बहादुरी और भूमिका की सराहना करते हुए संसद से उनका धन्यवाद किया।
अमित शाह ने कहा कि 22 मई से 22 जुलाई 2025 तक आईबी और सेना लगातार रांची क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी को लेकर काम कर रही थी। 22 जुलाई को सेंसर्स की मदद से पुख्ता जानकारी मिली और फिर सेना व पुलिस ने आतंकियों को घेरकर मार गिराया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन महादेव पूरी तरह सफल रहा।
गृहमंत्री ने पहलगाम हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और भरोसा दिलाया कि आतंक के हर हमले का देश मुंहतोड़ जवाब देगा।