ओंकारेश्वर के मांधाता पर्वत पर स्थित एकात्म धाम में जल्द ही एक बड़ा और खास आयोजन होने जा रहा है। आदि गुरु आदि शंकराचार्य के प्रकटोत्सव के अवसर पर 17 से 21 अप्रैल तक यहां ‘एकात्म पर्व’ मनाया जाएगा। यह पांच दिन का आयोजन आध्यात्मिकता, संस्कृति और ज्ञान का सुंदर संगम होगा। इस कार्यक्रम में देशभर से संत, विद्वान, विचारक और बड़ी संख्या में युवा शामिल होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को अद्वैत दर्शन के बारे में सरल तरीके से समझाना और समाज में एकता का संदेश फैलाना है।
इस आयोजन की शुरुआत 17 अप्रैल को होगी। उद्घाटन कार्यक्रम में द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती का सान्निध्य मिलेगा। उनके साथ कई खास अतिथि भी मौजूद रहेंगे, जिनमें धर्मेंद्र सिंह लोधी, निवेदिता भिड़े और स्वामी शारदानंद सरस्वती शामिल हैं। कार्यक्रम के आखिरी दिन 21 अप्रैल को समापन समारोह होगा, जिसमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। इस मौके पर स्वामी अवधेशानंद गिरि और स्वामी तेजोमयानंद सरस्वती भी मौजूद रहेंगे।
इस महोत्सव में ‘अद्वैतामृतम्’ नाम से एक चर्चा श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसमें अलग-अलग विषयों पर सरल भाषा में बातचीत होगी ताकि हर कोई इसे आसानी से समझ सके।
इन चर्चाओं का उद्देश्य यह है कि लोग अद्वैत को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि उसे अपने जीवन में भी अपनाएं।
इस पांच दिवसीय आयोजन में हर शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। इन कार्यक्रमों की थीम ‘रसो वै सः’ रखी गई है, जिसमें भारत की अलग-अलग संस्कृतियों की झलक देखने को मिलेगी।
इस आयोजन का एक खास हिस्सा 21 अप्रैल को होने वाला दीक्षा समारोह होगा। यह कार्यक्रम नर्मदा नदी के तट पर सुबह आयोजित किया जाएगा। इसमें देश और विदेश से आए 700 से ज्यादा युवाओं को ‘शंकरदूत’ बनाया जाएगा। इन युवाओं का काम होगा अद्वैत वेदांत के संदेश को लोगों तक पहुंचाना और समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देना। इस मौके पर स्वामी तेजोमयानंद सरस्वती और गौतम भाई पटेल को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया जाएगा।
महोत्सव के दौरान हर दिन योग, प्राणायाम और ध्यान के सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनका संचालन स्वामी योगप्रताप सरस्वती करेंगे। इसके साथ ही वैदिक परंपराओं के अनुसार कई धार्मिक अनुष्ठान भी होंगे, जैसे पंचांग पूजन, रुद्रपाठ, यज्ञ और श्रीचक्र पूजा। इन कार्यक्रमों से लोगों को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी।
मांधाता पर्वत का एकात्म धाम आने वाले समय में एक बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पहले ही 108 फीट ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ वननेस’ स्थापित की जा चुकी है, जो आदि शंकराचार्य को समर्पित है। अब यहां एक बड़ा संग्रहालय भी बनाया जाएगा, जो अद्वैत दर्शन पर आधारित होगा। इस परियोजना पर लगभग 2195 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस संग्रहालय में आधुनिक तकनीक के जरिए लोगों को भारतीय दर्शन और संस्कृति के बारे में जानकारी दी जाएगी।
‘एकात्म पर्व’ सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह समाज को जोड़ने का एक प्रयास है। इसका उद्देश्य यह बताना है कि अलग-अलग विचार और परंपराएं होने के बावजूद हम सभी एक ही मूल सत्य से जुड़े हैं। यह आयोजन संतों और विद्वानों के साथ-साथ आम लोगों और युवाओं के लिए भी खास है। यहां आकर लोग भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और जीवन के मूल्यों को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे। इस तरह ओंकारेश्वर में होने वाला यह पांच दिवसीय आयोजन ज्ञान, भक्ति और संस्कृति का एक अनोखा संगम बनेगा, जो लोगों को नई सोच और सकारात्मक दिशा देगा।