Vijay S. Gaur
13 Jan 2026
हर्षित चौरसिया, जबलपुर। कड़कड़ाती ठंड के बीच पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने एक अनूठी और मानवीय पहल की शुरुआत की है, जिसने इसे मध्य प्रदेश का संभवत: पहला ऐसा टाइगर रिजर्व बना दिया है। प्रबंधन ने टाइगर रिजर्व के बफर जोन में जीवन गुजार रहे ग्रामीणों से आत्मीयता बढ़ाने और उन्हें कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए कंबल वितरित करने का सिलसिला शुरू किया है। पहल को पंख तब लग गए, जब इसमें वन अफसरों के साथ पर्यटक भी दान करने के लिए आगे आ गए।
एक नवंबर से बफर के अंतर्गत आने वाले 130 गांवों में निवास करने वाले ग्रामीणों को कंबल बांटने का सिलसिला ठंड के बीच चल रहा है। प्रबंधन के मुताबिक वन अधिकारियों, समाजसेवियों और पर्यटकों द्वारा उपलब्ध कराए गए कंबलों को 5223 ग्रामीणों को बांटा जा चुका है। पहल को लेकर पेंच टाइगर रिजर्व के वन अफसरों के साथ पर्यटकों में भी उत्साह है और वे अब इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
इस संबंध में पार्क के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि पार्क प्रबंधन का हमेशा से प्रयास रहा है कि वह ग्रामीणों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर वन्यजीवों की सुरक्षा करें। इसी तारतम्य में ठंड में कम्बल बांटने के माध्यम से उनसे आत्मीयतौर पर जुड़ने की दिशा में एक कदम है। अभी तक हम 6 रेंजों के 78 गांवों में 5 हजार 223 कम्बलों का वितरण सभी के सहयोग से कर चुके हैं। इसमें बच्चे, बुजुर्ग, विधवा महिलाएं शामिल हैं।
इंदौर से पेंच टाइगर रिजर्व घूमकर लौटे डॉ. सुमित खत्री ने बताया कि इस पहल की जानकारी जब उन्हें लगी तो उन्होंने डिप्टी डायरेक्टर रजनीश से संपर्क किया। दान करने की इच्छा जाहिर करते हुए 50 कम्बल डोनेट कर दिए। डॉ. खत्री ने बताया कि ठंड से लोगों को बचाने के लिए यह सराहनीय कदम है और लोगों को इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।