इंदौर। ऑनलाइन ठगी रोकने पुलिस और बदमाशों में तू डाल-डाल, मैं पात-पात का खेल चल रहा है। शादी के निमंत्रण कार्ड के बाद अब 8वें वेतन आयोग में सैलरी बढ़ाने के फर्जी मैसेज APK (एंड्राइड पैकेज किट) फाइल से भेजे जा रहे हैं। इससे शासकीय कर्मचारियों को ठगने की कोशिश की जा रही है। ऐसे मैसेज कुछ शासकीय कर्मचारियों के पास पहुंचे थे। आयोग में सैलरी बढ़ोतरी और एरियर कैलकुलेशन के नाम पर साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एडवाइजरी जारी की है।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, साइबर अपराधी सोशल मीडिया, वॉट्सऐप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए फर्जी लिंक और एपीके फाइल भेज रहे हैं। इन पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो जाता है और बैंक खातों से रकम उड़ाई जा रही है। ठग खुद को सरकारी विभाग या वेतन आयोग से जुड़ा बताकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।
इंदौर में इससे पहले भी साइबर ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं। बीते सालों में फर्जी लोन ऐप, केवाईसी अपडेट, बिजली बिल सुधार, बैंक अकाउंट अपडेट और सरकारी योजनाओं के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी हो चुकी है। कई मामलों में सरकारी कर्मचारी भी ठगों के जाल में फंसकर अपनी जमा पूंजी गंवा चुके हैं।
संजय ठाकुर (परिवर्तित नाम) ने बताया कि मुझे बीमा पालिसी रिन्यू कराने का मैसेज आया था। जैसे ही मैंने एपीके फाइल खोली, मोबाइल हैक हो गया। कुछ देर बाद 40 हजार रुपए निकाले जाने का मैसेज आया था।