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O Romeo :मुंबई कोर्ट से ‘ओ रोमियो’ को बड़ी राहत, रिलीज पर रोक लगाने से इनकार

शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फिल्म ‘ओ रोमियो’ को मुंबई सेशंस कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने रिलीज पर रोक लगाने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। अब फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी, हालांकि दिवंगत हुसैन उस्तरा से जुड़े मामले में मुख्य सिविल केस अभी लंबित है और अगली सुनवाई मार्च में होगी।
मुंबई कोर्ट से ‘ओ रोमियो’ को बड़ी राहत, रिलीज पर रोक लगाने से इनकार
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी स्टारर फिल्म ‘ओ रोमियो’ को लेकर चल रहा कानूनी विवाद फिलहाल निर्माताओं के पक्ष में गया है। मुंबई की सेशंस कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार करते हुए नोटिस ऑफ मोशन खारिज कर दिया है। यह याचिका दिवंगत मुंबई निवासी हुसैन उस्तरा की बेटी सनोबर शेख ने दायर की थी। याचिका में दावा किया गया था कि फिल्म उनके पिता की जिंदगी से प्रेरित है और ट्रेलर में उन्हें गलत तरीके से एक गैंगस्टर के रूप में पेश किया गया है, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। कोर्ट के इस फैसले के बाद फिल्म अब अपनी तय तारीख 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो सकेगी।

    कोर्ट का क्या कहना है?

    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एच.सी. शेंडे ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि फिलहाल फिल्म की रिलीज रोकने के लिए कोई ठोस कानूनी आधार नहीं बनता। अदालत ने यह भी कहा कि यह टिप्पणी केवल प्रारंभिक यानी prima facie प्रकृति की है और इससे मुख्य सिविल मुकदमे के अंतिम फैसले पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की उस मांग को भी खारिज कर दिया, जिसमें फिल्म की रिलीज से पहले किसी स्वतंत्र प्राधिकरण द्वारा प्री-स्क्रीनिंग कराए जाने की बात कही गई थी। इस आदेश को फिल्म की टीम के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि रिलीज के ऐन पहले किसी तरह की रोक से बचना उनके लिए अहम था।

    याचिकाकर्ता के आरोप और मेकर्स का जवाब

    याचिका में सनोबर शेख ने कहा था कि ट्रेलर उनके पिता हुसैन उस्तरा को अपराधी के तौर पर दिखाता है, जबकि वह पेशे से पत्रकार थे और मुंबई पुलिस व इंटेलिजेंस ब्यूरो के लिए मुखबिर के रूप में काम करते थे। याचिका के मुताबिक, दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी से उनकी दुश्मनी थी और इसी कारण 11 सितंबर 1998 को उनकी हत्या कर दी गई। दूसरी ओर, निर्देशक विशाल भारद्वाज ने अपने हलफनामे में इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि फिल्म किसी वास्तविक व्यक्ति की बायोपिक नहीं है और इसे गलत धारणाओं के आधार पर चुनौती दी जा रही है।

    मुख्य सिविल केस अभी भी लंबित है

    हालांकि सेशंस कोर्ट ने फिल्म पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया है, लेकिन मुख्य सिविल केस अभी भी लंबित है। इसकी अगली सुनवाई 12 मार्च को होनी है। सूत्रों के अनुसार, याचिकाकर्ता इस आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दे सकती हैं। फिलहाल, कोर्ट के इस फैसले के बाद ‘ओ रोमियो’ की रिलीज का रास्ता साफ है और मेकर्स राहत की सांस ले रहे हैं, जबकि कानूनी लड़ाई का अगला दौर आने वाले हफ्तों में देखने को मिल सकता है।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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