मतदाता सूची अपडेट में लापरवाही, भोपाल में 4 बीएलओ निलंबित, एसडीएम के प्रस्ताव पर कलेक्टर ने की कार्रवाई

भोपाल। आगामी चुनावों की तैयारी के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-2025) के दौरान लापरवाही बरतने वाले 4 बूथ लेवल ऑफिसरों (बीएलओ) को भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई गोविंदपुरा एसडीएम रवीशकुमार श्रीवास्तव के प्रस्ताव पर की गई।
लापरवाही पर हुई कार्रवाई
मतदाता सूची अपडेट के काम में लगातार शिकायतें मिलने के बाद संबंधित बीएलओ को पहले नोटिस दिए गए थे। लेकिन संतोषजनक जवाब न देने पर यह कठोर कार्रवाई की गई।
निलंबित बीएलओ के नाम हैं-
- शेरसिंह सिकरवार
- विवेकानंद मुखर्जी
- शंभू सिंह रघुवंशी
- रोशनी प्रजापति
इन पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई है।
77 बीएलओ और 4 सुपरवाइजरों को नोटिस
गोविंदपुरा एसडीएम ने कुल 77 बीएलओ और 4 सुपरवाइजरों को नोटिस जारी किए थे। इनमें कई नामचर्चित कर्मचारी शामिल हैं, जैसे- अरविंद कुमार पाठक, राकेश कुमार साहू, आरती शास्त्री, विनोद जोशी, अंजू मंडराई, शशिकला साहू, सुमन पंवार, ज्योति नामदेव, ओमप्रकाश तिवारी, पूरणदास बैरागी, सुनील शिल्पकार, सिया शाक्या, हरि सिंह प्रजापति, राजकुमारी साहू, अक्षत श्रीवास्तव, प्रियंका गौर, गिरीश सक्सेना, हेमलता ठाकुर, शकुंतला बाथम, इंदर सिंह परमार, मोनिका चौबे, सुधा महावर, निर्मला कुशवाह, सूरज सिंह यादव, पूनम वर्मा, सन्नी गौहर, किशोर सिंह मालवीय, राजकुमार मीना, हेमंत शर्मा, भावना महावर, प्रतिमा भिलवारे, तस्कीन जहां, अफसा खान, रजनीश त्रिपाठी, सायरा बानो, भगवान सिंह मीणा, सोरान टोपो, गौरीशंकर चौकसे, गीता अहिरवार, स्नेह लता, सीमा प्रजापति, भारती गौर, विवेकानंद मुखर्जी, बलराम वर्मा, उषा मलिक, आदित्य सोनी, हेमंत विनोदिया, सुधीर शर्मा, कुसुम श्रीवास्तव, नंदिका डागे, रश्मि शर्मा और शिवकुमार विश्वकर्मा। इसके अलावा 4 सुपरवाइजरों को भी जवाब तलब किया गया है।
विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया
भोपाल समेत पूरे प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR-2025) के तहत मतदाता सूची का अपडेट किया जा रहा है।
- इसमें 2003 की मतदाता सूची से 2025 की सूची का मिलान किया जा रहा है।
- जो मतदाता 2003 की सूची में शामिल थे, वे और उनके परिवार स्वतः 2025 की सूची में आ जाएंगे।
- नए मतदाताओं का भौतिक सत्यापन बीएलओ द्वारा डोर-टू-डोर सर्वे के जरिए किया जाएगा।
- दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही नए नाम जोड़े जाएंगे।
कलेक्टर ने दिया सख्त संदेश
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन कार्य में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी बीएलओ और सुपरवाइजरों को चेतावनी दी कि यदि किसी ने जिम्मेदारी में ढिलाई बरती तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।












