कांग्रेस नेता शमा ने मोहम्मद शमी का किया समर्थन, प्लेयर के रोजा न रखने पर कहा- सफर और शारीरिक मेहनत के दौरान रोजा छोड़ने की इजाजत

भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी के रोजा न रखने पर काफी विवाद चल रहा है। इस बीच कांग्रेस नेता शमा ने उनके समर्थन में एक बयान दिया है। शमा ने कहा कि इस्लाम वैज्ञानिक धर्म है। इसमें सफर और शारीरिक मेहनत के दौरान रोजा रखने से छूट दी गई है। इसके साथ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भी शमी के पक्ष में बयान दिया है। उन्होंने कहा- अगर कोई बीमार है और सफर पर है, तो वह रोजा छोड़ सकता है। ये कुरान में साफ रखा है। कोई उनके इस फैसले पर सवाल नहीं उठा सकता।
[caption id="attachment_155306" align="aligncenter" width="600"]
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली[/caption]
मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली[/caption]
रोजा न रखना कोई गुनाह नहीं है- शमा
शमी के सपोर्ट में शमा ने कहा- ‘मोहम्मद शमी सफर कर रहे थे और एक खेल में हिस्सा ले रहे थे, जहां उन्हें शारीरिक मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में रोजा न रखना कोई गुनाह नहीं है। इस्लाम में इंसान के हालात को ध्यान में रखा जाता है।’ बता दे की कुछ समय पहले शमा ने रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी सवाल उठाए थे।भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच के दौरान शुरू हुआ विवाद
शमी के रोजा न रखने पर विवाद भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच के दौरान 4 मार्च को शुरू हुआ। सेमीफाइनल मैच के दौरान जब बॉलिंग के बाद वह थक कर बाउंड्री लाइन पर एनर्जी ड्रिंक पीते नजर आए, जिसे लेकर विवाद हुआ। इसके बाद 6 मार्च 2025 को यूपी के बरेली के मौलाना ने शमी के रोजा न रखने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा- ‘इस्लाम में रोजा रखना फर्ज है। अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर रोजा नहीं रखता, तो वह इस्लामिक कानून के अनुसार गुनहगार माना जाता है। क्रिकेट खेलना बुरा नहीं है, लेकिन धार्मिक जिम्मेदारियों को भी निभाना चाहिए। मैं हिदायत देता हूं कि शमी अपने धर्म के प्रति जिम्मेदार बनें।’












