तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बने ;राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने संसद भवन में दिलाई शपथ

PM तारिक रहमान के साथ बांग्लादेश में मंत्रिमंडल का विस्तार भी किया गया है। उनके अलावा 25 कैबिनेट मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ ली है। तारीक शासन की नई टीम में सामाजिक संतुलन का भी ध्यान रखा गया है, जिसमें एक हिंदू मंत्री को भी शामिल किया गया है। 
राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने संसद भवन में दिलाई शपथ
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    ढाका। बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के साथ तारिक रहमान ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने संसद भवन में उन्हें प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। इसके साथ ही करीब 18 महीनों से काम कर रही अंतरिम सरकार का कार्यकाल औपचारिक रूप से समाप्त हो गया।

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    अगले '5 साल' रहमान के हाथ

    तारिक रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बने हैं। इससे पहले दिन में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के सांसदों ने उन्हें संसदीय दल का नेता चुना था। वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और दिवंगत राष्ट्रपति जियाउर रहमान के पुत्र हैं। करीब 17 वर्षों तक लंदन में रहने के बाद तारिक रहमान दो महीने पहले ही बांग्लादेश लौटे थे। अब वह अगले पांच वर्षों तक देश के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।

    हिंदू नेता सहित 25 कैबिनेट मंत्रियों ने भी ली शपथ

    PM तारिक रहमान के साथ बांग्लादेश में मंत्रिमंडल का विस्तार भी किया गया है। उनके अलावा 25 कैबिनेट मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ ली है। तारीक शासन की नई टीम में सामाजिक संतुलन का भी ध्यान रखा गया है, जिसमें एक हिंदू मंत्री को भी शामिल किया गया है। 

    कैबिनेट मंत्रियों में से 17 नए चेहरे हैं, जबकि राज्य मंत्रियों की सूची में 24 नए नाम शामिल किए गए हैं। खास बात यह है कि PM तारिक रहमान खुद भी पहली बार मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हैं। नए मंत्रिमंडल को अनुभव और नए नेतृत्व का मिश्रण माना जा रहा है।

    BNP ने खारिज किया जुलाई चार्टर

    बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने जनमत संग्रह से जुड़ी प्रक्रिया को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। मंगलवार (17 फरवरी) को पार्टी प्रमुख तारिक रहमान सहित BNP के सांसदों ने संवैधानिक सुधार आयोग के सदस्य के रूप में शपथ नहीं ली। दरअसल, जुलाई चार्टर एक प्रस्ताव के तौर पर पेश किया गया था, जिसके तहत लोकतांत्रिक व्यवस्था में सुधार की योजना थी।

    इसके तहत पहला कदम यह था कि सभी निर्वाचित सांसदों को संवैधानिक सुधार परिषद के सदस्य के रूप में शपथ दिलाई जाए। हालांकि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने इस प्रक्रिया में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया।

    फोटोज में देखें शपथ ग्रहण समारोह की तस्वीरें

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