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मंत्री मैडम की बढ़ी मुश्किलें...जाति प्रमाणपत्र लेकर पेश होने की तारीख आई, हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई तेज 

प्रदेश की नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जाति प्रमाण पत्र केस में उन्हें अनुसूचित जाति विकास विभाग ने प्रमाण पत्र के साथ हाजिर होने का नोटिस जारी किया है।
जाति प्रमाणपत्र लेकर पेश होने की तारीख आई, हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई तेज 

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त ने उनकी जाति प्रमाण पत्र की वैधता को लेकर महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है। नोटिस के अनुसार प्रतिमा बागरी को 6 जुलाई को राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपने पक्ष में सभी आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। समिति इस मामले से जुड़े अभिलेखों की विस्तार से जांच करेगी।

हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद जांच प्रक्रिया हुई तेज 

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई हाईकोर्ट की ओर से जारी नोटिस के बाद तेज हुई है। कोर्ट द्वारा मामले पर संज्ञान लेने के बाद राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने भी जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि मंत्री को अपने जाति संबंधी दावे के समर्थन में सभी मूल और प्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे, ताकि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर तथ्यों का परीक्षण किया जा सके। गौरतलब है कि मंत्री बागरी के अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र को लेकर प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने याचिका दायर की है।

1950 के रिकॉर्ड पर टिकी जांच की दिशा 

इस पूरे मामले में वर्ष 1950 का रिकॉर्ड सबसे अहम माना जा रहा है। समिति ने प्रतिमा बागरी से उस समय की स्थिति के अनुसार जिला सतना का मूल निवासी होने से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इन अभिलेखों के आधार पर यह जांच की जाएगी कि अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने की प्रक्रिया नियमानुसार हुई थी या नहीं।

दस्तावेजों की जांच के बाद समिति लेगी अंतिम निर्णय 

6 जुलाई को होने वाली बैठक में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर राज्य स्तरीय अनुसूचित जाति छानबीन समिति आगे की कार्रवाई तय करेगी। इस मामले पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है। समिति की जांच और उसके निष्कर्षों के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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