MP बोर्ड 12वीं परीक्षा 2026 के परिणाम ने इस बार एक नई मिसाल कायम की है। इस साल का रिजल्ट सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह मेहनत, लगन और सपनों की जीत की कहानी बन गया। पूरे प्रदेश में दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहे चांदनी विश्वकर्मा और खुशी राय, जिन्होंने 500 में से 494 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया।
दोनों छात्राओं की इस शानदार उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे राज्य को गर्व से भर दिया है।
चांदनी विश्वकर्मा एक साधारण परिवार से आने वाली असाधारण प्रतिभा हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई को हमेशा प्राथमिकता दी और नियमित अभ्यास को अपनी सफलता का आधार बनाया।
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भोपाल की खुशी राय ने भी कॉमर्स में अपनी कड़ी मेहनत और स्मार्ट रणनीति के दम पर यह मुकाम हासिल किया। खुशी ने अपनी पढ़ाई को योजनाबद्ध तरीके से किया और समय प्रबंधन को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया।
कुल अंक: 494/500 कॉमर्स
राज्य स्तर पर रैंक: 1
खुशी का मानना है कि पढ़ाई में क्वालिटी ज्यादा मायने रखती है, क्वांटिटी नहीं। उन्होंने हर विषय को समझने पर ध्यान दिया और नियमित रिवीजन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया।
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उनका कहना है कि सफलता कोई अचानक मिलने वाली चीज नहीं, बल्कि यह हर दिन की मेहनत और सही दिशा में किए गए प्रयासों का परिणाम होती है।
कुल अंक: 494/500 कॉमर्स मैथ्स
राज्य स्तर पर रैंक: 1
सभी विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन
चांदनी के शिक्षक बताते हैं कि वह शुरू से ही बेहद फोकस्ड और अनुशासित छात्रा रही हैं। वह सिर्फ रटने में नहीं, बल्कि समझकर पढ़ने में विश्वास रखती थीं। हर विषय पर गहराई से पकड़ बनाना उनकी आदत थी।








इंदौर की रहने वाली तन्वी कुमावत ने पूरे मध्य प्रदेश में साइंस स्ट्रीम की टॉपर है। तन्वी अपनी सक्सेस के बार में बताती है कि स्कूल में उन्हें हर एक टीचर का पूरा सपोर्ट मिला है। जिस वजह से वे अच्छे मार्क्स लाने में सफल रही।
खुशी आगे कहती है..." फोन मैं भी चलाती हूं, लेकिन सोशल मीडिया से अब तक कोई अटैचमेंट नहीं किया", यहां मैंने अब तक लॉग-इन नहीं किया।
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हर साल की तरह इस बार भी लड़कियों ने शानदार प्रदर्शन किया और पास प्रतिशत में लड़कों को पीछे छोड़ दिया। यह साबित करता है कि अगर अवसर और समर्थन मिले, तो बेटियां हर क्षेत्र में आगे निकल सकती हैं।
चांदनी और खुशी दोनों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। दोनों के परिवारों ने हमेशा उन्हें प्रेरित किया, उनका मनोबल बढ़ाया और हर परिस्थिति में उनका साथ दिया। चांदनी के माता-पिता का कहना है कि उन्होंने कभी भी पढ़ाई को दबाव नहीं बनाया, बल्कि बेटी को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
दोनों टॉपर्स की सफलता में कुछ समान बातें देखने को मिलीं-
जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, दोनों छात्राओं के स्कूलों में खुशी की लहर दौड़ गई। शिक्षकों ने मिठाई बांटी और इस उपलब्धि को गर्व के साथ मनाया।
जहां एक ओर चांदनी विश्वकर्मा का सपना है कि वह आगे चलकर लेफ्टिनेंट (Lieutenant) बनकर भारतीय सेना में शामिल हों और देश की सेवा करें, वहीं खुशी राय ने अपने करियर के लिए एक अलग लेकिन उतना ही प्रभावशाली लक्ष्य चुना है। खुशी का सपना है कि वह एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनें और वित्तीय क्षेत्र में अपनी पहचान बनाएं। दोनों छात्राओं के ये सपने दर्शाते हैं कि आज की युवा पीढ़ी न केवल अपने लिए, बल्कि समाज और देश के लिए भी बड़े लक्ष्य तय कर रही है।
इस साल मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षा में कुल लगभग 6.89 लाख छात्र शामिल हुए थे।
पास प्रतिशत-
इस बार का रिजल्ट पिछले 16 वर्षों में सबसे बेहतर प्रदर्शन में से एक माना जा रहा है।