मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में SAF (विशेष सशस्त्र बल) के एक आरक्षक ने बैरक में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना बुधवार को हुई। आरक्षक रविन्द्र शर्मा (48) ने कपड़े सुखाने के लोहे के तार पर गमछा बांधकर जान दे दी। जब यह घटना हुई, उस समय बैरक में कोई नहीं था।
पुलिस के मुताबिक, रविन्द्र शराब का आदी था और इसी कारण मानसिक तनाव में रहता था। उसने इससे पहले भी दो बार आत्महत्या की कोशिश की थी।
रविन्द्र ग्वालियर जिले के डबरा तहसील के बरैड़ा गांव का रहने वाला था। वह 2003 में SAF में भर्ती हुआ था। शराब की लत की वजह से वह अपने परिवार से भी दूर-दूर रहता था और ज्यादा मेल-जोल नहीं रखता था।
SAF के कमांडेंट रघुवंश सिंह भदौरिया ने बताया कि रविन्द्र को कई बार समझाया गया था, लेकिन वह अपनी शराब की आदत नहीं छोड़ सका। वह ड्यूटी से भी अक्सर गायब रहता था। डिप्टी कमांडेंट कमल मौर्या ने कहा कि वह फ्रस्टेशन की वजह से ज्यादा शराब पीने लगा था। मामले की जांच की जा रही है।
मुरैना एसपी समीर सौरभ ने बताया कि रविन्द्र शर्मा की एक महीने पहले ही SAF की पांचवीं बटालियन में पोस्टिंग हुई थी। उसका मोबाइल लॉक है, जिसे परिजनों के आने के बाद खोला जाएगा। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की है।