‘मैं जिंदा हूं, मेरा वोट क्यों काटा?’ मिर्ची बाबा ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज उर्फ मिर्ची बाबा का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। इस पर उन्होंने आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। मिर्ची बाबा का कहना है कि मृत लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने चाहिए, लेकिन उनके मुताबिक गरीबों, ठेले वालों और संन्यासियों के नाम भी सूची से काटे गए हैं। गुरुवार को वीडियो जारी कर मिर्ची बाबा ने कहा, “मैं जिंदा हूं, मरा नहीं हूं। फिर मेरा नाम किस आधार पर काटा गया?” उन्होंने कहा कि वोट डालना हर नागरिक का अधिकार है और वे इस मामले को लेकर अदालत जाएंगे।
बोले- संन्यासी की पहचान गुरु परंपरा से होती है
मिर्ची बाबा ने संन्यास परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि उनसे जन्मभूमि का प्रमाण और माता-पिता के नाम से जुड़े दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। उनके मुताबिक, संन्यास लेने के बाद व्यक्ति का पुराना नाम बदल जाता है और उसकी पहचान गुरु परंपरा से होती है। उन्होंने कहा कि वे चुनाव लड़ चुके हैं और आयकर भी भरते हैं। ऐसे में मतदाता सूची से उनका नाम हटाए जाने का आधार स्पष्ट किया जाना चाहिए। बाबा ने दावा किया कि कई अन्य संन्यासियों के नाम भी मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
दुबई से लौटने के बाद मिली नाम कटने की जानकारी
मिर्ची बाबा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि वे पिछले कुछ महीनों से दुबई में थे, इसलिए इस मामले पर ध्यान नहीं दे पाए। मीडिया में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विरोध-प्रदर्शन की खबरें देखने के बाद उन्होंने ग्वालियर के हजीरा क्षेत्र में एक स्थानीय शिक्षक से बात की। बाबा के मुताबिक, शिक्षक ने उन्हें बताया कि उनके पिता से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के कारण उनका नाम मतदाता सूची से हट गया है। हालांकि, नाम हटाने के आधिकारिक कारण और संबंधित चुनावी रिकॉर्ड की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
दुष्कर्म के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी, अदालत ने किया बरी
मिर्ची बाबा पर वर्ष 2022 में रायसेन की एक महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। महिला की शिकायत के बाद भोपाल के महिला थाने में मामला दर्ज किया गया और 9 अगस्त 2022 को पुलिस ने बाबा को ग्वालियर से गिरफ्तार किया था। बाद में 5 सितंबर 2023 को अदालत ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया। वे 6 सितंबर 2023 को जेल से बाहर आए थे। इस मामले का उल्लेख उनके वर्तमान बयान से अलग संदर्भ में किया जाना चाहिए।
मध्यप्रदेश में SIR के दौरान लाखों नाम हटे
मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा सामने आया था। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में जारी ड्राफ्ट सूची में 42.74 लाख से अधिक नाम कम हुए थे। वहीं, 21 फरवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम सूची में मूल सूची की तुलना में 34.25 लाख से ज्यादा नाम कम दर्ज किए गए। मिर्ची बाबा ने इसी प्रक्रिया के संदर्भ में अपना नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए हैं। अब यह स्पष्ट होना बाकी है कि उनके नाम को हटाने के पीछे चुनाव अधिकारियों ने क्या कारण दर्ज किया है और उनकी आपत्ति पर क्या कार्रवाई होती है।




















