सोहागपुर में पार्सल डिलीवरी के नाम पर साइबर ठगी, मोबाइल हैक कर परिचितों से मांग रहे रकम

सोहागपुर। नगर में साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाकर व्यापारियों और प्रतिष्ठित नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। पार्सल डिलीवरी के नाम पर मोबाइल और व्हाट्सएप तक पहुंच बनाने वाले साइबर ठग अब पीड़ितों के परिचितों और रिश्तेदारों को संदेश भेजकर अर्जेंट पेमेंट के बहाने रुपए मांग रहे हैं। पिछले एक महीने में नगर के कई जाने-माने नागरिक इस तरह की साइबर ठगी के निशाने पर आए हैं। हाल ही में पेट्रोल पंप संचालक गजेंद्र चौधरी और भाजपा नेता एवं व्यवसायी गौरव अग्रवाल के मामले सामने आने के बाद अब कारोबारी पवन जायसवाल का मोबाइल भी इसी तरीके से हैक किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पार्सल पहुंचाने के बहाने शुरू होता है खेल
साइबर ठगों का तरीका बेहद शातिराना है। वे संबंधित व्यक्ति को फोन करके बताते हैं कि उसके नाम से पार्सल आया है, लेकिन डिलीवरी बॉय को घर का पता नहीं मिल पा रहा है। इसके बाद वे डिलीवरी संबंधी जानकारी देने या संबंधित व्यक्ति से बात कराने के बहाने एक मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते हैं। जैसे ही व्यक्ति बताए गए नंबर पर कॉल करता है, वह साइबर अपराधियों के जाल में फंस सकता है। इसके बाद तकनीकी तरीके से मोबाइल और व्हाट्सएप का नियंत्रण हासिल कर ठगी की अगली कड़ी शुरू की जाती है।
परिचितों को संदेश भेजकर मांगे जा रहे रुपए
मोबाइल और व्हाट्सएप पर नियंत्रण मिलने के बाद साइबर अपराधी पीड़ित की संपर्क सूची और चैट का इस्तेमाल कर उसके परिचितों, मित्रों और रिश्तेदारों को संदेश भेजते हैं। इन संदेशों में किसी जरूरी काम का हवाला देते हुए तत्काल रुपये भेजने की मांग की जाती है। संदेश में यह भी लिखा जाता है कि यूपीआई काम नहीं कर रहा है, इसलिए किसी अन्य माध्यम से भुगतान करना पड़ रहा है और रकम शाम तक वापस कर दी जाएगी।
परिचित के मोबाइल नंबर से संदेश आने के कारण लोग कई बार उसे वास्तविक समझ लेते हैं। इसके बाद ठग बारकोड या यूपीआई आईडी भेजकर जल्द से जल्द रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाते हैं। इस तरह एक व्यक्ति का मोबाइल हैक होने के बाद उसके संपर्क में रहने वाले कई अन्य लोग भी ठगी का शिकार बन सकते हैं।
व्यापारियों और नागरिकों में चिंता, सतर्कता जरूरी
नगर में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से व्यापारियों और आम नागरिकों में चिंता का माहौल है। इस तरह की ठगी में अपराधी किसी अनजान व्यक्ति के बजाय पीड़ित के परिचितों को निशाना बनाते हैं, जिससे संदेश पर भरोसा होने की संभावना बढ़ जाती है। यही वजह है कि मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध कॉल और संदेशों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
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अनजान नंबर पर कॉल करने से बचें, भुगतान से पहले करें पुष्टि
साइबर ठगी से बचने के लिए नागरिकों को सलाह दी जाती है कि पार्सल डिलीवरी के नाम पर आने वाले अनजान कॉल पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी अनजान व्यक्ति के बताए नंबर पर कॉल करने, उसके निर्देश पर कोई कोड दर्ज करने या मोबाइल पर प्राप्त संदिग्ध लिंक खोलने से बचें। यदि किसी परिचित के व्हाट्सएप से अचानक रुपए मांगने का संदेश आए, तो भुगतान करने से पहले संबंधित व्यक्ति को उसके दूसरे नंबर पर फोन करके या सीधे संपर्क कर पुष्टि अवश्य करें। यदि मोबाइल या व्हाट्सएप हैक होने की आशंका हो अथवा कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार बन जाए, तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें और आधिकारिक पोर्टल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।




















