सोहागपुर में डॉक्टर का नंबर गूगल पर तलाशना पड़ा महंगा, मेडिकल स्टोर संचालक के खातों से ₹1.83 लाख निकले
सोहागपुर। डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेने के लिए गूगल पर संपर्क नंबर तलाशना एक मेडिकल स्टोर संचालक को महंगा पड़ गया। सोहागपुर के पुराने बस स्टैंड स्थित राजा मेडिकल स्टोर्स के संचालक राकेश कुमार कसेरा के तीन बैंक खातों से कथित तौर पर 1 लाख 83 हजार 323 रुपये निकाल लिए गए। फरियादी की शिकायत के अनुसार, कॉल और व्हाट्सएप पर भेजे गए लिंक के जरिए उनसे जानकारी ली गई थी। सोहागपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अपराध क्रमांक 651/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) में प्रकरण दर्ज किया गया है। घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और बैंक खातों से संबंधित जानकारी की जांच की जा रही है।
गूगल पर डॉक्टर का नंबर तलाशने के बाद आया फोन
मातापुरा वार्ड निवासी राकेश कुमार कसेरा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी पुराने बस स्टैंड पर राजा मेडिकल स्टोर्स नाम से दुकान है। 29 सितंबर 2026 को उन्होंने नागपुर के डॉक्टर श्रीकांत मुखबार के क्लीनिक का संपर्क नंबर गूगल पर तलाशा था। इस दौरान उन्हें मिडास मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल का एक नंबर मिला, जिस पर उन्होंने फोन किया। शिकायत के मुताबिक इसके बाद उनके व्हाट्सएप पर डॉक्टर से अपॉइंटमेंट को लेकर संदेश आया। उन्हें एक अन्य मोबाइल नंबर पर संपर्क करने और आवश्यक जानकारी भेजने के लिए कहा गया। राकेश कसेरा ने व्हाट्सएप पर मांगी गई जानकारी भेज दी और एक लिंक पर क्लिक किया। इसके बाद उनसे पांच रुपये भेजने के लिए कहा गया। हालांकि, भुगतान का कोई संदेश नहीं मिलने पर उन्होंने कॉल काट दिया। उसी दिन शाम को उनके मोबाइल नंबर पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने रिचार्ज भी किया। उस समय उन्होंने इस पर विशेष ध्यान नहीं दिया।
दोबारा भेजा लिंक, अगले दिन खातों से निकल गई रकम
फरियादी के अनुसार, 5 अक्टूबर को उन्हें एक अन्य मोबाइल नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को डॉक्टर श्रीकांत मुखबार के यहां से बताते हुए कहा कि उनका अपॉइंटमेंट हो गया है। इसके बाद उन्हें एक लिंक भेजकर उसमें जरूरी विवरण भरने के लिए कहा गया। शिकायत के मुताबिक, व्हाट्सएप पर भेजे गए लिंक को खोलकर राकेश कसेरा ने उसमें अपना नाम, पता और अन्य मांगी गई जानकारी भर दी। अगले दिन, 6 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से 2 बजकर 42 मिनट के बीच उनके तीन बैंक खातों से रकम निकलने के संदेश आए। राकेश कसेरा के अनुसार, उनके आईसीआईसीआई बैंक खाते से 99,999 रुपये, बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते से 8,324 रुपये और बैंक ऑफ इंडिया के दूसरे खाते से 75,000 रुपये निकाल लिए गए। इस तरह कुल 1,83,323 रुपये अन्य खातों में ट्रांसफर हो गए।
बैंक पहुंचकर निकलवाया स्टेटमेंट
खातों से रकम निकलने के संदेश मिलने के बाद राकेश कसेरा संबंधित बैंक शाखाओं में पहुंचे और लेनदेन का स्टेटमेंट निकलवाया। उनके अनुसार, बैंक रिकॉर्ड में आईसीआईसीआई बैंक खाते से दोपहर 2:39 बजे 99,999 रुपये का यूपीआई ट्रांजेक्शन दर्ज था। वहीं, बैंक ऑफ इंडिया के दोनों खातों से 2:42 बजे क्रमशः 8,324 रुपये और 75,000 रुपये के ट्रांजेक्शन हुए थे। फरियादी ने बताया कि बैंक में शिकायत करने पर आईसीआईसीआई बैंक की ओर से संबंधित मुख्य शाखा को सूचना देकर राशि होल्ड कराने की बात कही गई। हालांकि रकम वापस मिली या नहीं, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी की शिकायत
राकेश कसेरा ने 6 अक्टूबर को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने सोहागपुर थाने में भी रिपोर्ट दी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मामला 14 अक्टूबर 2026 को शाम 5:15 बजे दर्ज किया गया। फरियादी को संदेह है कि अज्ञात लोगों ने फोन कॉल और व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर उनके साथ धोखाधड़ी की। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऑनलाइन नंबर और लिंक इस्तेमाल करते समय सावधानी जरूरी
साइबर ठगी के मामलों में फर्जी संपर्क नंबरों और संदिग्ध लिंक का इस्तेमाल किया जा सकता है। गूगल पर किसी डॉक्टर या अस्पताल का नंबर मिलना अपने आप में उसकी प्रामाणिकता की गारंटी नहीं है। अपॉइंटमेंट के लिए संबंधित अस्पताल की आधिकारिक वेबसाइट या सत्यापित संपर्क माध्यम से नंबर की पुष्टि करना जरूरी है।






















