10 या 11 अगस्त... श्रावण मासिक शिवरात्रि कब है? जानें सही तारीख, निशिता काल और शुभ मुहूर्त

हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और निशा काल में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं।
मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अविवाहित लोग अच्छे जीवनसाथी और शीघ्र विवाह की कामना से यह व्रत रखते हैं, जबकि विवाहित महिलाएं सुख-समृद्धि और सौभाग्य के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं।
कब मनाई जाएगी मासिक शिवरात्रि?
पंचांग के अनुसार, श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 11 अगस्त को सुबह 04:54 बजे शुरू होगी और 12 अगस्त की रात 01:52 बजे समाप्त होगी।
भगवान शिव की पूजा निशा काल में करने की परंपरा है। चतुर्दशी तिथि रात में होने के कारण भाद्रपद मासिक शिवरात्रि 11 अगस्त को मनाई जाएगी।
निशा काल में पूजा का शुभ मुहूर्त
मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा के लिए निशिता काल को विशेष माना जाता है।
निशिता मुहूर्त : 12 अगस्त, रात 12:05 बजे से 12:48 बजे तक
इस दौरान भगवान शिव का जल, दूध और पंचामृत से अभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा और फूल अर्पित किए जा सकते हैं।
भाद्रपद मासिक शिवरात्रि का पंचांग
सूर्योदय: सुबह 5:48 बजे
सूर्यास्त: शाम 7:04 बजे
मासिक शिवरात्रि पर शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुभ समय में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से साधक को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
ब्रह्म मुहूर्त - 04:22 ए एम से 05:05 ए एम
प्रातः सन्ध्या - 04:44 ए एम से 05:48 ए एम
अभिजित मुहूर्त - 12:00 पी एम से 12:53 पी एम
विजय मुहूर्त - 02:39 पी एम से 03:32 पी एम
गोधूलि मुहूर्त - 07:04 पी एम से 07:26 पी एम
सायाह्न सन्ध्या - 07:04 पी एम से 08:09 पी एम
अमृत काल - 07:59 ए एम से 09:25 ए एम
निशिता मुहूर्त - 12:05 ए एम, अगस्त 12 से 12:48 ए एम, अगस्त 12
मनोकामना पूर्ति के लिए करें शिव-पार्वती की पूजा
मासिक शिवरात्रि के दिन श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है।











