मध्य प्रदेश के मंदसौर में किसान प्याज की घटती कीमतों को लेकर सड़कों पर उतर आए। कुदरत के कहर से पहले ही बुरी तरह प्रभावित प्याज की फसल अब महज 1 रुपये प्रति किलो बिक रही है, जिससे लागत भी नहीं निकल पा रही। सरकार से मदद की उम्मीद खो चुके किसानों ने विरोध जताने के लिए प्याज की 'शव यात्रा' निकाली और मांग की कि फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाए। इस प्रदर्शन को लेकर विपक्षी कांग्रेस ने भी राज्य सरकार को निशाने पर लिया है।
मंदसौर के ग्राम धमनार में प्याज के घटते दामों से किसान बेहद परेशान हैं। महज 100 रुपए प्रति कुंतल यानी 1 रुपये किलो प्याज बिकने के कारण लागत भी पूरी नहीं निकल पा रही है। किसानों का कहना है कि इस हालात में न तो मुनाफा हो रहा है और न ही कटाई और मंडी तक ले जाने का खर्च निकल पा रहा है।
किसानों ने विरोध स्वरूप प्याज की अर्थी सजाकर बैंड बाजों के साथ शव यात्रा निकाली और शमशान घाट पहुंचकर अंतिम संस्कार किया। उनका मकसद सरकार तक यह संदेश पहुंचाना था कि उन्हें फसल का उचित मूल्य मिलना चाहिए।
किसान चाहते हैं कि सरकार प्याज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करे और निर्यात बढ़ाकर उन्हें नुकसान से बचाए। किसान देवी लाल और बद्री लाल धाकड़ ने बताया कि पिछले साल प्याज का दाम 3-4 हजार रुपए प्रति क्विंटल था, लेकिन इस साल महज 100 रुपए प्रति कुंतल बिक रहा है। किसान अपनी फसल को बच्चों की तरह पालते हैं और उचित मूल्य न मिलने पर उनका नुकसान बहुत बड़ा हो रहा है।
मौके पर तहसीलदार रोहित सिंह राजपूत भी पहुंचे और किसानों का ज्ञापन लिया। उन्होंने कहा कि किसानों की शिकायतें सरकार तक पहुंचाई जाएंगी और समस्या का समाधान किया जाएगा।