जबलपुर। जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-45) पर रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया, जब यहां का एक रेल ओवर ब्रिज अचानक भरभराकर गिर गया। जबलपुर-भोपाल NH-45 पर स्थित जर्जर पुल के गिरने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह रेल ओवर ब्रिज महज कुछ साल पहले ही बनकर तैयार हुआ था, लेकिन रविवार दोपहर यह पूरी तरह जमींदोज हो गया। जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। लोगों में इसको लेकर भारी नाराजगी है।

जानकारी के अनुसार, पुल का एक हिस्सा पहले से क्षतिग्रस्त था, जिसे सुधारने का काम चल रहा था। प्रशासन ने सुरक्षा के नाम पर एक हिस्सा बंद कर रखा था, लेकिन दूसरे हिस्से से भारी वाहनों की आवाजाही जारी थी। रविवार दोपहर को वह हिस्सा भी अचानक गिर गया, जिससे निर्माण कार्य और सुरक्षा दावों की पोल खुल गई। गनीमत रही कि पुल गिरते समय कोई बड़ा वाहन उसके ठीक नीचे नहीं था, अन्यथा बड़ी जनहानि हो सकती थी।
घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस के ग्रामीण अध्यक्ष संजय यादव ने मौके पर पहुंचकर संज्ञान लिया। उन्होंने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि यह फ्लाईओवर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। संजय यादव ने कहा कि अधिकारी जिस ब्रिज को सुरक्षित बता रहे थे, वह अपनी उम्र से पहले ही कैसे ढह गया? स्थानीय लोगों का भी आरोप है कि निर्माण के समय घटिया सामग्री का उपयोग किया गया था, जिसकी शिकायत के बावजूद अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज किया। इसके लिए जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की जाना चाहिए।
घटना के बाद लोगों का कहना है ब्रिज निर्माण भारी भ्रष्टाचार किया गया है, जिसके चलते यह ब्रिज भरभराकर गिर गया। लोगों ने यह भी कहा कि जब तब ब्रिज का निर्माण पूरा नहीं हो जाता है तब तक टोल नहीं देंगे।