छिंदवाड़ा में कुएं का पानी बना मुसीबत :30 ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ी, एलर्जी और खुजली की शिकायत

छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ क्षेत्र के खमरा के किशनपुर गांव में कुएं का पानी पीने और उससे नहाने के बाद करीब 25 से 30 ग्रामीणों की तबीयत खराब हो गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। प्रभावित लोगों को अस्पताल पहुंचाने के लिए पांच एंबुलेंस भी रवाना की गईं।
पानी इस्तेमाल करने के बाद दिखे एलर्जी के लक्षण
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह ग्रामीणों ने गांव के कुएं से पानी भरकर उपयोग किया। कुछ लोगों ने उसी पानी को पिया, जबकि कई लोगों ने उससे स्नान किया। कुछ ही देर बाद ग्रामीणों को पानी से अजीब बदबू आने लगी। इसके बाद कई लोगों के हाथ-पैरों में खुजली और एलर्जी जैसी शिकायतें सामने आईं।
कुएं के पानी में मिला झाग
ग्रामीणों ने जब दोबारा कुएं के पानी की जांच की तो उसमें झाग और फेस बनता दिखाई दिया। इसके बाद उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंच गई।
कुएं से मिला जहर का पाउच, मरी हुई मछली भी मिली
जिस कुएं के पानी के उपयोग से ग्रामीणों की तबीयत खराब हुई, उसी कुएं से बाल्टी के जरिए एक जहर (पॉइजन) का खाली पाउच भी मिला है। इसके अलावा कुएं में एक मरी हुई मछली भी पाई गई। इस जानकारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
जांच के लिए भेजे गए पानी के सैंपल
मौके पर एसडीएम और पीएचई विभाग की एसडीओ सीता मरकाम पहुंचीं। अधिकारियों ने कुएं के पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि पानी किस वजह से दूषित हुआ और ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ने का असली कारण क्या है।
अस्पताल जाने को तैयार नहीं ग्रामीण
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने का फैसला किया है। इसके लिए 108 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई, लेकिन कई ग्रामीण अस्पताल जाने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि फिलहाल उनकी तबीयत ठीक है।
प्रशासन ने ग्रामीणों को फिलहाल कुएं का पानी पीने या किसी भी तरह से उपयोग करने से बचने की सलाह दी है। साथ ही पूरे मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।











