लखनऊ में वकीलों के चैंबरों पर बुलडोजर एक्शन! मचा हड़कंप, महिला वकील रोईं, 2027 को लेकर दी चेतावनी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में रविवार को वकीलों के चैंबर हटाने पहुंची प्रशासन की टीम के सामने विरोध की स्थिति बन गई। हाईकोर्ट के निर्देश पर नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। इस दौरान कचहरी, स्वास्थ्य भवन और कैसरबाग तहसील के आसपास बने चिह्नित चैंबरों को बुलडोजर से हटाया गया। कार्रवाई से नाराज वकीलों ने प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि वे पिछले 15 से 20 वर्षों से इन चैंबरों में बैठकर वकालत कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें दूसरी जगह दिए बिना चैंबर हटाना उनके कामकाज पर असर डाल सकता है।
हाईकोर्ट के आदेश पर हटाए गए करीब 245 चैंबर
लखनऊ में अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। इस अभियान के दायरे में सड़क, फुटपाथ और नालों के आसपास बने निर्माण शामिल थे। अधिकारियों ने कचहरी, स्वास्थ्य भवन और कैसरबाग तहसील के पास चिह्नित वकीलों के चैंबरों को हटाना शुरू किया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, करीब 240 से 245 चैंबरों की पहचान की गई थी। कार्रवाई से पहले संबंधित चैंबरों पर निशान लगाए गए थे और वकीलों को नोटिस भी दिए गए थे। रविवार को नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और बुलडोजर से निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की।
बुलडोजर पहुंचते ही वकीलों ने किया विरोध
चैंबरों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू होते ही वकीलों में नाराजगी फैल गई। कई वकील मौके पर एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाने लगे। कैसरबाग कचहरी के आसपास प्रदर्शन और धरना भी हुआ। वकीलों ने उत्तर प्रदेश सरकार, नगर निगम और जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि कार्रवाई से पहले उनकी समस्याओं को सुना जाना चाहिए था। लंबे समय से यहां बैठकर काम करने वाले वकीलों के लिए चैंबर हटने का मतलब रोजाना के कामकाज में परेशानी बढ़ना भी है।
महिला वकील को रोता देख भावुक हुए लोग
कार्रवाई के दौरान एक महिला वकील अपने चैंबर को टूटते देखकर फूट-फूटकर रोने लगीं। वहां मौजूद कई लोग इस दृश्य को देखते रहे। वकीलों का कहना था कि ये चैंबर उनके लिए सिर्फ बैठने की जगह नहीं, बल्कि काम करने और परिवार चलाने का जरिया भी हैं। अचानक इस तरह की कार्रवाई से उनके सामने कामकाज को लेकर मुश्किल खड़ी हो सकती है। घटना के दौरान मौके पर तनाव का माहौल बना रहा। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने पुलिस बल की तैनाती की थी।
भारी पुलिस बल तैनात, हंगामे के बीच कार्रवाई
विरोध बढ़ने पर मौके पर कई थानों की पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए। मिली जानकारी के अनुसार, हंगामा कर रहे कुछ लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। प्रशासन की टीम ने चिह्नित स्थानों से लोगों को हटाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ाई। पुलिस की मौजूदगी के बीच अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए रहे। दूसरी ओर, वकीलों ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए और अपने बैठने के लिए दूसरी जगह उपलब्ध कराने की मांग की।
15-20 साल से कर रहे थे प्रैक्टिस, अब वैकल्पिक जगह की मांग
प्रदर्शन कर रहे वकीलों के मुताबिक, उनमें से कई पिछले 15 से 20 वर्षों से इन चैंबरों में बैठकर वकालत कर रहे थे। उनका कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाना जरूरी था, तो प्रशासन को पहले उनके कामकाज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। कुछ नाराज वकीलों ने 2027 में इसका जवाब देने की चेतावनी भी दी। हालांकि, इस बयान का सटीक संदर्भ स्पष्ट नहीं है। फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद चैंबर हटाने और वकीलों को दूसरी जगह उपलब्ध कराने का मुद्दा चर्चा में है।




















