Naresh Bhagoria
9 Jan 2026
Manisha Dhanwani
9 Jan 2026
पटना/नई दिल्ली। लैंड फॉर जॉब मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की कानूनी परेशानियां और बढ़ गई हैं। शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस केस में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजप्रताप यादव और तेजस्वी यादव, साथ ही बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।
इस मामले में लालू परिवार सहित कुल 41 लोगों पर आरोप तय किए गए हैं, जिनके खिलाफ अब नियमित रूप से मुकदमा चलेगा। वहीं कोर्ट ने 52 अन्य आरोपियों को इस केस से बरी करने का आदेश दिया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान लालू यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती और बेटे तेजप्रताप व तेजस्वी यादव दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए। यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज किया गया है।
राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोग्ने ने आदेश सुनाते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि लालू यादव और उनके परिवार ने एक सिंडिकेट गिरोह की तरह काम किया है। कोर्ट के अनुसार, सरकारी नौकरी को सौदेबाजी के माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर परिवार के नाम पर अचल संपत्तियां हासिल करने की एक व्यापक साजिश रची गई।
दूसरी ओर जज ने अपने आदेश में कहा कि अदालत को संदेह के आधार पर यह लगता है कि लालू प्रसाद यादव ने अपने बेटों, बेटियों और पत्नी के लाभ के लिए इस पूरी योजना को अंजाम दिया। कोर्ट ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) और 13(1)(d) के तहत आरोप तय करने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।
नौकरी के बदले से जुड़े मामले में कोर्ट ने सबूतों के आधार पर यह मान लिया है कि लालू प्रसाद यादव के खिलाफ लगाए गए आरोपों में दम है। इसी के साथ कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि अब इस केस का नियमित ट्रायल चलेगा। ट्रायल के दौरान दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें रखेंगे, गवाहों की सुनवाई होगी और इसके बाद कोर्ट इस मामले में अंतिम फैसला सुनाएगी।
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के पास लोअर कोर्ट के इस फैसले को चुनौती देने का विकल्प है। वह आरोप तय किए जाने के आदेश के खिलाफ उच्च अदालत (हायर कोर्ट) में अपील कर सकते हैं। अगर हायर कोर्ट से राहत नहीं मिलती है, तो ट्रायल की प्रक्रिया जारी रहेगी।
पिछली सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अदालत में एक सत्यापन रिपोर्ट पेश की थी। इस रिपोर्ट में बताया गया कि चार्जशीट में नामजद कुल 103 आरोपियों में से पांच की मौत हो चुकी है। CBI ने इस मामले में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव, बेटी और सांसद मीसा भारती, बेटी हेमा यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।