एंटरटेनमेंट डेस्क। बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने हाल ही में बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को IPL में खेलने के लिए 9 करोड़ रुपये में खरीदा था। इस फैसले के बाद देशभर में विरोध शुरू हो गया और इसे लेकर सोशल मीडिया और लोगों में गुस्सा देखा गया। BCCI ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए KKR को निर्देश दिया कि मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर किया जाए। इसके बाद KKR ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खिलाड़ी को बाहर कर दिया।
वृंदावन के कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी और पूरी स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह केवल एक खिलाड़ी की खरीददारी का मामला नहीं है, बल्कि इसमें देशभक्ति और आस्था का सवाल भी जुड़ा है।
अनिरुद्धाचार्य महाराज ने स्पष्ट कहा कि हम कहते हैं, ‘सह खेलती, खड़ी सखा’। जो आपके साथ खेलता है और आपके साथ खाता है, वही सच्चा मित्र है। लेकिन हम अपने हिंदुओं और सनातनियों से नफरत करने वाले लोगों के साथ क्रिकेट क्यों खेलें?उन्होंने इस घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में सुनने में आया कि एक बच्चे को हिंसक तरीके से मारा गया क्योंकि वह हिंदुओं के खिलाफ नफरत रखने वालों के संपर्क में था। महाराज ने सवाल उठाया कि ऐसे लोगों को पैसा देकर टीम में लाना क्या सही है?
अनिरुद्धाचार्य महाराज ने बॉलीवुड पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड के लोग अक्सर खुद को भगवान समझते हैं और उन्हें लगता है कि उनके ऊपर किसी का असर नहीं। उनके पास पैसा और ताकत है, इसलिए उनमें घमंड है कि कोई उन्हें रोक नहीं सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि बॉलीवुड समाज में अनैतिकता फैलाता है। वे खुलेआम सिगरेट, गुटखा और शराब का प्रचार करते हैं और यह आम लोगों के लिए गलत संदेश देता है। उनके अनुसार, बॉलीवुड का काम सिर्फ पैसा कमाना और अपने स्टारडम को बढ़ाना है, जबकि आम जनता उनकी मेहनत से उन्हें सुपरस्टार बनाती है।
महाराज ने बोला किभारत की जनता ही उन्हें स्टार बनाती है, लेकिन उनका दिल बांग्लादेशियों के लिए धड़कता है। यह हमारे साथ विश्वासघात है। उन्होंने कहा कि 9 करोड़ रुपये देकर किसी खिलाड़ी को खरीदना आसान है, लेकिन क्या इससे यह समझाया गया कि हमें अपने देश और धर्म के प्रति भी जिम्मेदारी निभानी चाहिए?