हिंदू पंचांग के अनुसार 14 अप्रैल 2026 को खरमास समाप्त हो गया है। जैसे ही यह समय खत्म हुआ, वैसे ही एक महीने से रुके हुए सभी शुभ और मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो रहे है। 15 अप्रैल से देशभर में शादी-विवाह, गृह प्रवेश, जनेऊ संस्कार और नए कामों की शुरुआत का सिलसिला तेजी से देखने को मिलेगा।
यह समय लोगों के लिए किसी नई शुरुआत जैसा होता है जहां घरों में फिर से खुशियों की हलचल शुरू हो जाती है और मांगलिक गीतों की गूंज सुनाई देने लगती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव गुरु ग्रह बृहस्पति की राशियों मीन या धनु में प्रवेश करते हैं, तब खरमास लगता है। इस दौरान सूर्य की स्थिति कमजोर मानी जाती है। इस बार खरमास 15 मार्च से शुरू होकर 14 अप्रैल तक रहा। इस अवधि में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश या नया व्यवसाय शुरू करना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इस समय किए गए कामों में बाधाएं आ सकती हैं या उनका फल अपेक्षा के अनुसार नहीं मिलता। इसलिए परंपराओं के अनुसार लोग इस समय शुभ कार्यों से दूरी बनाए रखते हैं।
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14 अप्रैल को सूर्य मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश किया। इस बदलाव को मेष संक्रांति कहा जाता है। ज्योतिष के अनुसार, मेष राशि में सूर्य उच्च स्थिति में होते हैं, यानी सबसे मजबूत और प्रभावशाली। यही कारण है कि इस दिन के बाद से शुभ कार्यों के लिए समय अनुकूल माना जाता है। मेष संक्रांति के साथ ही सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और जीवन में नई शुरुआत के रास्ते खुलते हैं।
खरमास खत्म होते ही विवाह के शुभ मुहूर्त भी शुरू हो जाते हैं। अगर आप शादी की योजना बना रहे हैं, तो इन तारीखों पर खास ध्यान दें।
इन तारीखों पर विवाह के लिए विशेष शुभ योग बन रहे हैं, जिन्हें ज्योतिष के अनुसार काफी अनुकूल माना गया है।
खरमास के खत्म होते ही घर-घर में उत्सव का माहौल शुरू हो जाता है। जहां पहले सन्नाटा था, अब वहां शहनाई बजेगी। लोग नए घर में प्रवेश करेंगे, नए कारोबार शुरू करेंगे और रिश्तों को नई शुरुआत देंगे। यह समय सिर्फ शुभ कार्यों का नहीं, बल्कि उम्मीदों और नई ऊर्जा का भी प्रतीक है।