Sachin Tendulkar On Vaibhav Sooryavanshi :'क्रिकेट के भगवान' ने वैभव सूर्यवंशी की बताई खूबियां, कहा फ्यूचर स्टार बनने की क्षमता

स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर अपनी राय खुलकर सामने रखी है। ESPNCricinfo के एक प्रतिष्ठित अवॉर्ड समारोह में, जहां सचिन तेंदुलकर को 21वीं सदी का महान बल्लेबाज चुना गया, उन्होंने वैभव सूर्यवंशी की जमकर प्रशंसा की। इस कार्यक्रम में भारत सहित दुनिया भर के कई दिग्गज क्रिकेटर मौजूद थे। सचिन ने मंच से वैभव की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि यह युवा खिलाड़ी भविष्य में भारतीय क्रिकेट का बड़ा सितारा बन सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि वैभव को टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
पहली ताकत: विस्फोटक हिटिंग क्षमता
सचिन तेंदुलकर ने वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी की तीन सबसे बड़ी खूबियों का जिक्र किया। सबसे पहले उन्होंने उनकी हिटिंग पावर की चर्चा की। सचिन के अनुसार, वैभव की गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचाने की क्षमता असाधारण है। कम उम्र में जिस तरह का आत्मविश्वास और ताकत वह अपने शॉट्स में दिखाते हैं, वह उन्हें बाकी युवा बल्लेबाजों से अलग बनाती है। सचिन ने माना कि वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी दर्शकों को आकर्षित करती है और विरोधी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता रखती है।
दूसरी ताकत: कलाइयों का शानदार इस्तेमाल
वैभव की दूसरी बड़ी विशेषता उनकी मजबूत रिस्ट वर्क यानी कलाइयों का प्रभावी उपयोग है। सचिन ने कहा कि बल्लेबाजी के दौरान कलाइयों का सही इस्तेमाल किसी खिलाड़ी को अधिक बहुमुखी बनाता है और वैभव इस कला में बेहद निपुण हैं। उनकी यही क्षमता उन्हें मैदान के लगभग हर हिस्से में रन बनाने का अवसर देती है। चाहे गेंद ऑफ साइड में हो या लेग साइड में, वैभव अपनी कलाइयों की मदद से उसे गैप में पहुंचाने का हुनर रखते हैं। सचिन के मुताबिक यह गुण किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।
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तीसरी ताकत: गेंद को जल्दी पढ़ने की कला
सचिन तेंदुलकर ने वैभव की तीसरी और सबसे खास ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में वह कई बल्लेबाजों से बेहतर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैभव केवल ताकत के भरोसे बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी नहीं हैं। वह गेंद की लाइन और लेंथ को बहुत जल्दी समझ लेते हैं। सचिन के अनुसार, गेंद उनके पास पहुंचने से पहले ही वैभव उसके व्यवहार का आकलन कर लेते हैं। यही कारण है कि उनके पास शॉट खेलने के लिए अतिरिक्त समय होता है और वे अधिक प्रभावी ढंग से रन बना पाते हैं। यह क्षमता उन्हें एक परिपक्व बल्लेबाज की श्रेणी में खड़ा करती है।
टेस्ट क्रिकेट में मौका मिलने का समर्थन
सचिन ने केवल वैभव की तकनीकी खूबियों की तारीफ नहीं की, बल्कि उनके भविष्य को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज नहीं तो कल, वैभव सूर्यवंशी को टेस्ट क्रिकेट में अवसर जरूर मिलना चाहिए। उनके अनुसार, इतना बड़ा टैलेंट अगर सही दिशा और समर्थन पाए तो वह लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की सेवा कर सकता है। सचिन का मानना है कि ऐसे खिलाड़ियों को केवल पहचान ही नहीं, बल्कि लगातार प्रोत्साहन और मार्गदर्शन की भी जरूरत होती है।
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भविष्य का सितारा बनने की क्षमता
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट किसी भी खिलाड़ी को सीखने और निखरने का सबसे बड़ा मंच देता है। वहां मिलने वाली चुनौतियां खिलाड़ी को और मजबूत बनाती हैं। उन्होंने वैभव को आत्मविश्वास से भरपूर खिलाड़ी बताते हुए कहा कि उसे अच्छी तरह पता है कि वह मैदान पर क्या करना चाहता है। सचिन के अनुसार, सिर्फ वह ही नहीं बल्कि क्रिकेट जगत के कई लोग वैभव को भविष्य में टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहते हैं। हालांकि यह कब होगा, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है, लेकिन इतना तय है कि इस प्रतिभाशाली खिलाड़ी को हर संभव समर्थन मिलना चाहिए ताकि वह अपनी क्षमता का पूरा प्रदर्शन कर सके।












