खंडवा। खंडवा शहर में रविवार दोपहर जिला जेल के सामने स्थित सेल्स टैक्स (राज्य कर) कार्यालय में अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे दफ्तर में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज, फर्नीचर और अन्य सामग्री जलकर खाक हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे इमारत से काले धुएं के गुबार और ऊंची लपटें उठती देख स्थानीय रहवासियों में अफरा-तफरी मच गई। रहवासियों ने तुरंत ‘डायल 112’ पर सूचना दी, जिसके बाद सबसे पहले कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।
घटना के समय दफ्तर बंद था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यदि यह घटना कार्य दिवस में होती, तो वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों की जान जोखिम में पड़ सकती थी।
परिजनों में दहशत:
कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के परिजनों को जैसे ही आग की सूचना मिली, वे घबरा गए और तुरंत घटनास्थल या फोन के माध्यम से जानकारी लेने लगे। हालांकि किसी के हताहत न होने की खबर मिलते ही सभी ने राहत की सांस ली।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग की चपेट में मुख्य रूप से रिकॉर्ड रूम आया है, जहां विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे थे। वहीं कंप्यूटर रूम सुरक्षित बताया जा रहा है, जिससे कुछ डिजिटल डाटा बचने की उम्मीद है।
राज्य कर (जीएसटी) की असिस्टेंट कमिश्नर ज्योति ब्रह्मे ने बताया कि इसी कार्यालय से जिले और संभाग का पूरा कामकाज संचालित होता था। आग में अधिकांश सामग्री नष्ट हो गई है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि परिसर में सूखी झाड़ियों को जलाने के कारण आग भड़की, जिसने तेज हवा के चलते विकराल रूप ले लिया और बिल्डिंग तक पहुंच गई।हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से भी लग सकती है। झाड़ियों में आग लगने की बात को उन्होंने पुरानी और सामान्य सफाई प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।
सूचना मिलते ही करीब 30 मिनट के भीतर फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक रिकॉर्ड रूम पूरी तरह जल चुका था।
बताया जा रहा है कि यह दो मंजिला इमारत जून 2023 में ही बनकर तैयार हुई थी और इसका उद्घाटन तत्कालीन वित्त मंत्री राघवजी ने किया था। नई इमारत में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस और फायर विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि आग लापरवाही से लगी या तकनीकी कारण जिम्मेदार हैं।