केवल पत्नी नहीं, पति भी अर्धांगिनी की लंबी उम्र के लिए रख रहे करवा चौथ

ये रिश्ता बराबरी का...कोई अपने माता​ पिता से प्रेरित तो कई इसे बनाना चाहते हैं यादगार
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केवल पत्नी नहीं, पति भी अर्धांगिनी की लंबी उम्र के लिए रख रहे करवा चौथ
आकाश अपनी पत्नी के लिए करवाचौथ का व्रत रखते हैं
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पल्लवी वाघेला, भोपाल । अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र के लिए रखा जाने वाला करवा चौथ का व्रत शुक्रवार को मनाया जा रहा है। आमतौर पर इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सफलता की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, लेकिन ऐसे भी कुछ उदाहरण हैं जहां पति भी पत्नी के साथ व्रत कर उनकी सलामती की दुआ मांग रहे हैं।

    पापा और भाई भी रखते हैं व्रत

    आकाश राजपूत और ज्योति की शादी को पांच साल हुए हैं। आकाश ने बताया कि उन्होंने बचपन में पापा को मां के लिए और बाद में भाई को भी करवा चौथ का व्रत रखते देखा। आकाश कहते हैं – पापा हमेशा बोलते थे कि यह रिश्ता बराबरी और साझेदारी का है तो फिर व्रत अकेले पत्नियां क्यों रखें। मैंने भी शादी के पहले से ही सोच लिया था। हमारा पूरा परिवार साथ निर्जला व्रत रखता है और एक साथ ही व्रत खोलते हैं। ज्योति को जब परिवार की इस परंपरा की जानकारी लगी तो वह शॉक्ड थीं क्योंकि उनके लिए यह नया और अनोखा अनुभव था। ज्योति बताती हैं करवा चौथ पर लॉकडाउन के बीच भी किसी तरह अरेंज कर आकाश मेरे लिए चांदी का करवा लाए थे.., इसी तरह जब बेटी छोटी थी तो मेहंदी लगवाना मैनेज नहीं हो पा रहा था। तब आकाश ने खुद मुझे मेहंदी लगाई। ऐसी कई चीजें हैं जो मेरी करवा चौथ मेमोरी से जुड़ी हैं और इनमें सबसे स्पेशल है हमारा साथ व्रत रखना और इसे साथ में खोलना।

    यह एक-दूसरे के लिए समर्पण हैं

    भोपाल के बिजनेस मैन अर्पित गुप्ता और इंटरप्रेन्योर अंकिता चंद्रवंशी की शादी हाल ही में हुई है। कपल का यह पहला करवा चौथ है और यह दोनों के लिए स्पेशल है। खास बात यह कि पत्नी अंकिता की तरह अर्पित भी निर्जला व्रत रखने का प्रण ले चुके हैं। अर्पित कहते हैं - हिंदू धर्म में अधिकतर महिलाएं कभी पति तो कभी बच्चों और कभी परिवार की ख़ुशी के लिए व्रत रखती हैं। लेकिन ऐसा कोई उपवास नहीं है जो महिलाओं के लिए घर के पुरुष रखते हों। इसलिए हमने डिसाइड किया कि जब हम दोनों जीवनसाथी है तो उपवास वाइफ अकेले क्यों रखेगी। मैं भी अंकिता की लंबी उम्र और ख़ुशियों के लिए उपवास रखूंगा। जीवनसाथी होने का अर्थ केवल रीति रिवाजों तक सीमित नहीं होता, जीवनसाथी होने का सही अर्थ एक दूसरे के प्रति संपूर्ण समर्पण है, तो यह दोनों तरफ से बराबर होना चाहिए। वहीं, अंकिता ने कहा कि दोनों ही एक दूसरे के लिए कुछ स्पेशल प्लान करने में लगे हैं, लेकिन यह सरप्राइज है।

    बेहद स्पेशल है यह एहसास

    जीएसटी में डिप्टी कमिश्नर नरेन्द्र सिंह चौहान शादी के पहले साल से ही उनके साथ व्रत रखते आ रहे हैं। उनकी पत्नी डॉक्टर अल्कज चौहान कहती है कि बीते 19 साल से यह सिलसिला अनवरत जारी है। डॉ. चौहान कहती हैं कि वह ऑफिस भी जाते हैं सारे काम भी करते हैं, लेकिन व्रत मेरे साथ ही खोलते हैं। मैंने कई बार कहा कि व्रत मत रखो। शुरुआत में तो लगता था कि ये साथ व्रत रखकर मेरा वजन कम कर देते हैं, लेकिन साथ ही यह एहसास भी होता था कि वह मुझे कितना स्पेशल महसूस कराते हैं। वह बताती हैं कि वो करवा चौथ बहुत स्पेशल था जब मेरी बचपन की एक पसंदीदा चीज नरेन्द्र जी ने मुझे गिफ्ट की थी, वो सबसे बड़ा सरप्राइज था। वहीं, नरेन्द्र कहते हैं कि हमसफर, हमसाया यह सब केवल शब्द नहीं है। जब सुख-दुख में साथ निभाने की बात है तो लंबी उम्र भी तो दोनों को चाहिए ताकि दोनों एक

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    By vikrant gupta
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