सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत को सोशल मीडिया टिप्पणी मामले में राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह कोई साधारण ट्वीट नहीं था बल्कि कंगना ने इसमें ‘मसाला डाला’ है। अदालत ने सवाल किया कि आप अपनी टिप्पणियों के बारे में क्या कहती हैं?
कंगना ने मानहानि मामले को रद्द करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में लगाई थी। लेकिन जब पीठ ने इस पर विचार करने से इनकार कर दिया, तो उनके वकील ने याचिका वापस ले ली। इस मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ कर रही थी।
यह केस किसान आंदोलन से जुड़ा है। शिकायतकर्ता महिंदर कौर (73), निवासी बठिंडा (पंजाब) ने जनवरी 2021 में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि कंगना ने सोशल मीडिया पर उन्हें शाहीन बाग की दादी कहकर गलत तरीके से जोड़ा और झूठे आरोप लगाए। इससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची।
इससे पहले पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भी कंगना की याचिका 1 अगस्त को खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि कंगना एक सेलिब्रिटी हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर हैं। उनके ट्वीट ने शिकायतकर्ता की छवि को नुकसान पहुंचाया, इसलिए यह शिकायत दुर्भावनापूर्ण नहीं मानी जा सकती।