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अब क्या करें क्या नहीं!ज्येष्ठ माह 2026 में बड़ा बदलाव, 30 नहीं, पूरे 60 दिन चलेगा यह पवित्र महीना

साल 2026 में ज्येष्ठ माह एक खास संयोग लेकर आ रहा है। यह महीना 2 मई 2026 से शुरू होकर 29 जून 2026 तक चलेगा।इसकी वजह है अधिकमास का जुड़ना, जिससे ज्येष्ठ का समय बढ़ गया है।
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ज्येष्ठ माह 2026 में बड़ा बदलाव, 30 नहीं, पूरे 60 दिन चलेगा यह पवित्र महीना

धर्म डेस्क। साल 2026 में ज्येष्ठ माह एक खास संयोग लेकर आ रहा है। यह महीना 2 मई 2026 से शुरू होकर 29 जून 2026 तक चलेगा। इस बार पंचांग में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा क्योंकि ज्येष्ठ मास सामान्य 30 दिन का नहीं, बल्कि करीब 59-60 दिन तक का होगा। इसकी वजह है अधिकमास का जुड़ना, जिससे ज्येष्ठ का समय बढ़ गया है।

क्यों खास है यह ज्येष्ठ माह?

ज्येष्ठ माह हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना माना जाता है और इसे धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। इस महीने से जुड़ी कुछ खास मान्यताएं-

  • शनि देव का जन्म इसी माह में हुआ माना जाता है।
  • भगवान श्रीराम और हनुमान जी की भेंट का प्रसंग भी इसी समय से जुड़ा है।
  • सूर्य देव और वरुण देव की पूजा का विशेष महत्व होता है।
  • इस दौरान किए गए दान और व्रत का फल कई गुना बढ़कर मिलता है।

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अब ये अधिकमास क्या है?

जब सूर्य और चंद्र कैलेंडर का संतुलन बिगड़ता है, तब पंचांग में एक अतिरिक्त महीना जोड़ दिया जाता है, जिसे अधिकमास कहा जाता है। 2026 में यही अधिकमास ज्येष्ठ के साथ जुड़ जाएगा।  इसलिए यह महीना सामान्य से लंबा हो जाएगा।
अधिकमास का समय: 17 मई से 15 जून 2026 तक

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ज्येष्ठ माह के धार्मिक नियम

इस महीने जीवनशैली को थोड़ा साधारण और अनुशासित रखना बेहद शुभ माना जाता है।

  • एक समय भोजन करें-  दिन में सिर्फ एक बार भोजन करना श्रेष्ठ माना गया है। इससे शरीर हल्का रहता है और मन शांत होता है
  • सूर्योदय से पहले स्नान- हर दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और सूर्य देव को जल अर्पित करना बहुत शुभ माना जाता है।
  • दिन में सोने से बचें- दिन में सोना स्वास्थ्य और ऊर्जा दोनों के लिए ठीक नहीं माना गया है। केवल बीमार व्यक्ति को छूट है।
  • सेवा और दान करें- पेड़-पौधों को पानी देना, पक्षियों को दाना डालना और जरूरतमंदों की मदद करना इस महीने का प्रमुख धर्म है।
  • जल दान सबसे बड़ा पुण्य- इस महीने पानी का दान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मटका, सुराही, पंखा, जूते और छाता दान करना बहुत शुभ होता है।

ज्येष्ठ माह में क्या नहीं करना चाहिए?

कुछ काम इस महीने में वर्जित माने गए हैं ताकि शरीर और मन दोनों संतुलित रहें।

  • पानी की बर्बादी न करें-  जल को देवतुल्य माना गया है। इसे व्यर्थ करना अशुभ माना जाता है।
  • ज्यादा मसालेदार खाना न खाएं- तेज गर्मी में शरीर पहले से गर्म रहता है, इसलिए भारी और मसालेदार भोजन से बचना चाहिए।
  • बैंगन का सेवन वर्जित- परंपराओं के अनुसार इस महीने बैंगन खाना अशुभ माना जाता है।
  • तीखे पदार्थों से दूरी- लहसुन, राई और बहुत तीखा भोजन शरीर की गर्मी बढ़ा सकता है।
  • मांसाहार और शराब से परहेज- इस समय सात्विक जीवनशैली अपनाना बेहतर माना गया है।
  • दोपहर में सोना नहीं चाहिए- इससे स्वास्थ्य और भाग्य दोनों पर नकारात्मक असर पड़ने की मान्यता है।
Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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