जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर में आध्यात्मिकता, संस्कृति और सेवा भाव का संगम लेकर जीवन उत्कर्ष महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। इस पांच दिवसीय आयोजन के उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और ईश्वरचरण स्वामी विशेष रूप से उपस्थित रहे। यह आयोजन विश्वविख्यात BAPS स्वामीनारायण संस्था के आध्यात्मिक अधिष्ठाता महंत स्वामी महाराज के जीवन, उपदेशों और सेवा कार्यों को समर्पित है।
अपने प्रेरक संबोधन में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि आज पूरी दुनिया संकट में है और भारत की ओर आशा भरी नज़रों से देख रही है। दुनिया के पास भारत के अलावा कोई और रास्ता नहीं है, क्योंकि भारत धर्म और संस्कृति के मार्ग पर चलता है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म ही भारत की आत्मा है और यही हमारी असली ताकत है। दुनिया अब भारत से यह सीखना चाहती है कि आध्यात्मिकता और आचरण के समन्वय से कैसे जीवन जिया जा सकता है।
आरएसएस प्रमुख ने यह भी कहा कि संतों की वाणी समाज को उचित दिशा देती है। इसलिए संघ संतों की सेवा में है और उनके प्रवचन निरंतर चलते रहें, इसके लिए हम हर संभव सहयोग देने को तत्पर हैं।
यह आयोजन इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि महंत स्वामी महाराज की जन्मभूमि जबलपुर ही है। उनका जन्म 13 सितंबर 1933 को इसी पावन भूमि पर हुआ था। आगे चलकर वे BAPS स्वामीनारायण संस्था के आध्यात्मिक नेता बने और अपने उपदेशों से लाखों लोगों के जीवन को दिशा दी। जीवन उत्कर्ष महोत्सव का उद्देश्य उनके जीवन, सेवा और अध्यात्मिक संदेशों को जन-जन तक पहुंचाना है।
महोत्सव के पहले दिन स्वामी भद्रेशदास द्वारा लिखित एक विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया गया। इस मौके पर उपस्थित संतों और अतिथियों ने महंत स्वामी महाराज के विचारों और उनकी शिक्षाओं को आज के समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया।
आयोजन स्थल पर भक्ति, संगीत और आध्यात्मिकता का अद्भुत वातावरण रहा। देशभर से आए श्रद्धालु और संतों ने भजन, प्रवचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से इस अवसर को और भी दिव्य बना दिया। कार्यक्रम के आगामी दिनों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, संत प्रवचन, ध्यान सत्र और सेवा कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी।