Janani Digital Platform Launched:सरकार की नई पहल, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की देखभाल अब होगी और आसान

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए जननी नाम का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। यह पहल राष्ट्रीय नवाचार और समावेशन सम्मेलन के दौरान शुरू की गई। जननी गर्भावस्था से लेकर प्रसव, नवजात देखभाल, टीकाकरण और परिवार नियोजन तक की पूरी प्रक्रिया को एक डिजिटल सिस्टम में जोड़ता है। इससे स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे और समय पर सेवाएं मिल सकेंगी। सरकार का मानना है कि यह प्लेटफॉर्म देश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
सरकार की नई डिजिटल पहल
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने देश में मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए नया डिजिटल प्लेटफॉर्म जननी शुरू किया है। इस प्लेटफॉर्म का शुभारंभ राष्ट्रीय नवाचार और समावेशन सम्मेलन के दौरान किया गया। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य सेवाओं को एक ही डिजिटल सिस्टम के तहत जोड़कर अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।
क्या है जननी और कैसे करेगा काम
जननी का पूरा नाम Journey of Antenatal, Natal and Neonatal Integrated Care है। इसे मौजूदा आरसीएच (Reproductive and Child Health) पोर्टल का उन्नत संस्करण माना जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए गर्भावस्था से लेकर प्रसव, प्रसव के बाद की देखभाल, नवजात शिशु की निगरानी, टीकाकरण और परिवार नियोजन जैसी सभी सेवाओं को एक ही सिस्टम में ट्रैक किया जाएगा। इससे हर मरीज का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत उपलब्ध होगा।
क्यूआर कोड आधारित हेल्थ कार्ड से मिलेगा फायदा
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की सबसे खास सुविधा क्यूआर कोड आधारित मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्ड है। इस कार्ड के जरिए महिलाओं और बच्चों का पूरा स्वास्थ्य रिकॉर्ड कहीं भी और कभी भी देखा जा सकता है। इससे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को जानकारी तेजी से मिल सकेगी और इलाज में देरी नहीं होगी। इसके अलावा हाई रिस्क गर्भावस्था के लिए अलर्ट सिस्टम और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं भी इसमें शामिल हैं।
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आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़ा प्लेटफॉर्म
जननी को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अनुरूप तैयार किया गया है। इसे यू-विन और पोषण जैसे अन्य राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जाएगा, जिससे विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल बन सके। इस सिस्टम के जरिए डेटा का आदान प्रदान आसान होगा और लाभार्थियों को कई योजनाओं का लाभ एक साथ मिल सकेगा।
पंजीकरण की आसान प्रक्रिया
इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करना बेहद आसान रखा गया है। लाभार्थी अपना आभा नंबर, आधार कार्ड या मोबाइल नंबर के जरिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसमें देशभर में सर्च की सुविधा भी दी गई है, जिससे प्रवासी लोग भी अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को बिना रुकावट जारी रख सकेंगे। इससे रिकॉर्ड दोहराव की समस्या भी खत्म होगी और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनी रहेगी।
करोड़ों लोगों का हो चुका है पंजीकरण
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक जननी प्लेटफॉर्म पर 1.34 करोड़ से अधिक लाभार्थियों का पंजीकरण हो चुका है। इनमें 30 लाख से ज्यादा गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। इसके साथ ही लाखों डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं और एक लाख से अधिक बायोमेट्रिक सत्यापन भी पूरे हो चुके हैं। यह आंकड़े दिखाते हैं कि यह प्लेटफॉर्म तेजी से लोगों तक पहुंच बना रहा है।
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स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल बदलाव
सरकार का कहना है कि ‘जननी’डिजिटल प्लेटफॉर्म मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, पहुंच और गुणवत्ता को बढ़ाने में मदद करेगा। इससे न केवल मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा, बल्कि पूरे सिस्टम की निगरानी भी बेहतर तरीके से हो सकेगी। यह पहल देश में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।











