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सम्राट चौधरी कैबिनेट का विस्तार:निशांत कुमार ने ली मंत्री पद की शपथ; जानिए इंजीनियर से मंत्री तक का सफर

बिहार में आज सम्राट चौधरी कैबिनेट का विस्तार हुआ। कैबिनेट के विस्तार में एक नया चेहरा शामिल हुआ। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने मंत्री पद की शपथ ली है, उनकी एंट्री को राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
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निशांत कुमार ने ली मंत्री पद की शपथ; जानिए इंजीनियर से मंत्री तक का सफर

निशांत कुमार ने हाल ही में राजनीति में कदम रखा था। अब उन्हें सीधे मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है। जेडीयू के भीतर लंबे समय से इस पर चर्चा चल रही थी। इसे नीतीश कुमार के राजनीतिक उत्तराधिकार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

राजनीति तक का सफर

निशांत कुमार अब तक सार्वजनिक जीवन से दूर और बेहद साधारण छवि के लिए जाने जाते रहे हैं। उन्होंने लंबे समय तक राजनीति से दूरी बनाए रखी और निजी जीवन को प्राथमिकता दी। उनकी पहचान एक शांत, सादगीपूर्ण व्यक्ति की रही है। मां मंजू सिन्हा के निधन के बाद वे और भी सीमित दायरे में रहे। लेकिन अब उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा है। उनकी एंट्री को सोच-समझकर उठाया गया कदम माना जा रहा है।

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निशांत ने पैर छूकर लिया आशीर्वाद

शपथ ग्रहण समारोह के बीच सबसे मौका तब आया, जब निशांत कुमार ने मंच पर पहुंचकर नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद नीतीश कुमार ने निशांत कुमार को आशीर्वाद दिया। यह दृश्य देखते ही गांधी मैदान तालियों और नारों से गूंज उठा। इसको लेकर राजनीतिक जानकारों की अलग-अलग राय है। 

शिक्षा और पेशेवर पृष्ठभूमि

निशांत कुमार ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पटना और मसूरी के प्रतिष्ठित स्कूलों से की। इसके बाद उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। उनका अकादमिक रिकॉर्ड मजबूत रहा है। 

निशांत ने 8 मार्च को ली थी जेडीयू की सदस्यता 

8 मार्च 2026 को निशांत कुमार ने जेडीयू की सदस्यता लेकर सभी को चौंका दिया था। यह कदम अचानक जरूर लगा, लेकिन इसके पीछे पार्टी की रणनीति साफ दिखाई दी। जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें आगे लाने में अहम भूमिका निभाई। उस समय भी इसे भविष्य की राजनीति की तैयारी माना गया था। अब मंत्री पद की शपथ के साथ यह संकेत और स्पष्ट हो गया है।

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वरिष्ठ नेताओं के समझाने के बाद ली जिम्मेदारी 

निशांत कुमार पहले किसी भी पद को बिना मेहनत हासिल करने के पक्ष में नहीं थे। वे खुद को साबित करने के बाद ही जिम्मेदारी लेना चाहते थे। लेकिन पार्टी नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं के समझाने के बाद उन्होंने यह जिम्मेदारी स्वीकार की। इसे एक जिम्मेदार और सोच-समझकर लिया गया फैसला माना जा रहा है। यह उनकी गंभीर राजनीतिक सोच को भी दर्शाता है।

राजनीतिक उत्तराधिकार के तौर पर निशांत कुमार 

निशांत कुमार की एंट्री को नीतीश कुमार के राजनीतिक उत्तराधिकार से जोड़कर देखा जा रहा है। जेडीयू के भीतर लंबे समय से नए नेतृत्व को लेकर चर्चा चल रही थी। ऐसे में निशांत का मंत्री बनना एक बड़ा संकेत है। आने वाले समय में उनकी भूमिका और प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं। 

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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