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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटा, बढ़ता जा रहा मौत का आंकड़ा, 40 शव बरामद; भारी तबाही की आशंका

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोती इलाके में गुरुवार को बादल फटने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में अब तक 33 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोगों के लापता होने और भारी नुकसान की आशंका है। बादल फटते ही इलाके में अचानक बाढ़ आ गई। राहत और बचाव अभियान जारी है।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटा, बढ़ता जा रहा मौत का आंकड़ा, 40 शव बरामद; भारी तबाही की आशंका
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोती इलाके में गुरुवार को बादल फटने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में अब तक 40 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोगों के लापता होने और भारी नुकसान की आशंका है। बादल फटते ही इलाके में अचानक बाढ़ आ गई। राहत और बचाव अभियान जारी है।

    किश्तवाड़ में 40 की मौत, 220 लापता 

    किश्तवाड़ में बादल फटने से अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें CISF के 2 जवान भी शामिल हैं। इस हादसे में 120 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जबकि 220 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।

    केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दी जानकारी

    केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें यह खबर जम्मू-कश्मीर के नेता प्रतिपक्ष और स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा से मिली। इसके बाद उन्होंने किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा से बात की।

    उन्होंने कहा कि घटना गंभीर है और भारी जनहानि हो सकती है। प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया है और बचाव दल मौके के लिए रवाना हो चुका है। उनका कार्यालय लगातार अपडेट ले रहा है और हर संभव मदद दी जाएगी।

    विधायक सुनील शर्मा बोले – नुकसान बहुत बड़ा हो सकता है

    सुनील शर्मा ने कहा कि किश्तवाड़ में नुकसान काफी ज्यादा हो सकता है। अभी सही आंकड़े नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा के चलते इलाका भीड़भाड़ वाला है। वह उपराज्यपाल से एनडीआरएफ टीम भेजने की मांग करेंगे।

    उपायुक्त ने दी स्थिति की जानकारी

    किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज शर्मा के अनुसार, चशोती इलाका मचैल माता यात्रा का शुरुआती बिंदु है। वहां अचानक बाढ़ आ गई है और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।

    उपराज्यपाल ने जताया दुख

    जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सिविल, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को राहत-बचाव तेज करने और प्रभावितों को हर संभव मदद देने के निर्देश दिए।

    मौसम विभाग की चेतावनी

    श्रीनगर मौसम केंद्र ने अगले 4-6 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी दी है। संवेदनशील और पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने, अचानक बाढ़, भूस्खलन और पत्थर गिरने की संभावना जताई गई है। लोगों को ढीली इमारतों, बिजली के खंभों और पुराने पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा वुलर झील, डल झील और अन्य जलाशयों में नौका विहार व अन्य गतिविधियां रोकने की अपील की गई है।

    उत्तराखंड में भी हुआ था हादसा

    इससे पहले 5 अगस्त को उत्तराखंड के उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने से तबाही हुई थी। वहां लापता लोगों की तलाश 10 दिन बाद भी जारी है। खराब मौसम के बावजूद खोजी दल लगातार काम कर रहे हैं।

    उस घटना में एक की मौत और 68 लोग लापता हुए थे, जिनमें सेना के जवान और नेपाल, बिहार, यूपी, राजस्थान के लोग शामिल हैं। कई होटल, मकान और होमस्टे बाढ़ में बह गए थे, जबकि 1,300 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया था।

    Shivani Gupta
    By Shivani Gupta

    शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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