Manisha Dhanwani
11 Jan 2026
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोती इलाके में गुरुवार को बादल फटने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में अब तक 40 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोगों के लापता होने और भारी नुकसान की आशंका है। बादल फटते ही इलाके में अचानक बाढ़ आ गई। राहत और बचाव अभियान जारी है।
किश्तवाड़ में बादल फटने से अब तक 40 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें CISF के 2 जवान भी शामिल हैं। इस हादसे में 120 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जबकि 220 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें यह खबर जम्मू-कश्मीर के नेता प्रतिपक्ष और स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा से मिली। इसके बाद उन्होंने किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा से बात की।
उन्होंने कहा कि घटना गंभीर है और भारी जनहानि हो सकती है। प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया है और बचाव दल मौके के लिए रवाना हो चुका है। उनका कार्यालय लगातार अपडेट ले रहा है और हर संभव मदद दी जाएगी।
सुनील शर्मा ने कहा कि किश्तवाड़ में नुकसान काफी ज्यादा हो सकता है। अभी सही आंकड़े नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा के चलते इलाका भीड़भाड़ वाला है। वह उपराज्यपाल से एनडीआरएफ टीम भेजने की मांग करेंगे।
किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज शर्मा के अनुसार, चशोती इलाका मचैल माता यात्रा का शुरुआती बिंदु है। वहां अचानक बाढ़ आ गई है और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सिविल, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को राहत-बचाव तेज करने और प्रभावितों को हर संभव मदद देने के निर्देश दिए।
श्रीनगर मौसम केंद्र ने अगले 4-6 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी दी है।
इससे पहले 5 अगस्त को उत्तराखंड के उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने से तबाही हुई थी। वहां लापता लोगों की तलाश 10 दिन बाद भी जारी है। खराब मौसम के बावजूद खोजी दल लगातार काम कर रहे हैं।
उस घटना में एक की मौत और 68 लोग लापता हुए थे, जिनमें सेना के जवान और नेपाल, बिहार, यूपी, राजस्थान के लोग शामिल हैं। कई होटल, मकान और होमस्टे बाढ़ में बह गए थे, जबकि 1,300 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया था।