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इजरायल की एक झाड़ में निकल गई ‘गरज’!ख्वाजा आसिफ के बदले तेवर, बयानबाजी के बाद बैकफुट पर पाकिस्तान

इजरायल की कड़ी फटकार के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बदले तेवर। विवादित बयान से पाकिस्तान की छवि को झटका, शांति मध्यस्थ बनने की कोशिश पर उठे सवाल।
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ख्वाजा आसिफ के बदले तेवर, बयानबाजी के बाद बैकफुट पर पाकिस्तान

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में शब्दों की ताकत बहुत बड़ी होती है और कई बार यही शब्द किसी देश की छवि बना भी देते हैं और बिगाड़ भी देते हैं। हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के साथ कुछ ऐसा ही देखने को मिला। जो मंत्री कुछ समय पहले तक इजरायल के खिलाफ तीखे और आक्रामक बयान दे रहे थे, वही अब अचानक शांत नजर आ रहे हैं। इस बदलाव के पीछे वजह है इजरायल की कड़ी प्रतिक्रिया। इजरायल ने ख्वाजा आसिफ के बयान को नफरत भरा बताते हुए न सिर्फ उसकी आलोचना की बल्कि पाकिस्तान की नीयत और उसकी भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए। इस पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तान की उस कोशिश को झटका दिया है, जिसमें वह खुद को एक शांति दूत के रूप में पेश करना चाहता था।

क्या था पूरा मामला

दरअसल, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर इजरायल को लेकर बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने इजरायल को लेकर ऐसी टिप्पणियां कीं जिन्हें कई लोगों ने आपत्तिजनक और भड़काऊ माना। उन्होंने इजरायल को मानवता के खिलाफ बताया और उसके अस्तित्व तक पर सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब एक तरफ शांति की बातें हो रही हैं, उसी समय गाजा और लेबनान जैसे इलाकों में निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं। उनके इस बयान में गुस्सा साफ झलक रहा था लेकिन शायद उन्होंने यह नहीं सोचा था कि इसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतना बड़ा असर पड़ेगा।

इजरायल की सख्त प्रतिक्रिया- सीधी चेतावनी

ख्वाजा आसिफ के बयान के बाद इजरायल ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया कि इस तरह की भाषा किसी भी जिम्मेदार सरकार के मंत्री को शोभा नहीं देती। इजरायल ने साफ तौर पर कहा कि पाकिस्तान खुद को अगर शांति का पक्षधर और मध्यस्थ बताता है, तो उसके नेताओं को भी वैसी ही भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। इसके अलावा इजरायल के विदेश मंत्री ने भी इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि एक तरफ शांति की बात करना और दूसरी तरफ नफरत फैलाना यह दोहरा रवैया है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।

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फटकार के बाद बदले तेवर

इजरायल की इस सख्त प्रतिक्रिया के बाद सबसे बड़ा बदलाव यह देखने को मिला कि ख्वाजा आसिफ, जो पहले लगातार बयान दे रहे थे, अब अचानक शांत हो गए हैं। उनकी तरफ से कोई नया बयान सामने नहीं आया है और सोशल मीडिया पर भी उनकी सक्रियता कम हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बदलाव सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय दबाव का नतीजा है। जब किसी बड़े देश की तरफ से इस तरह की प्रतिक्रिया आती है, तो उसका असर तुरंत देखने को मिलता है।

पाकिस्तान की छवि पर पड़ा असर

यह पूरा मामला पाकिस्तान के लिए सिर्फ एक बयान का विवाद नहीं है बल्कि उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि से जुड़ा हुआ है। पिछले कुछ समय से पाकिस्तान यह दिखाने की कोशिश कर रहा था कि वह अमेरिका और ईरान के बीच शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभा रहा है। वह खुद को एक जिम्मेदार और संतुलित देश के रूप में पेश करना चाहता था। लेकिन ख्वाजा आसिफ के इस बयान ने उस छवि को नुकसान पहुंचाया है। अब कई देश यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या पाकिस्तान वाकई निष्पक्ष भूमिका निभा सकता है।

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नफरत भरी भाषा और शांति की कोशिशें साथ नहीं चल सकतीं

इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ तो आप शांति करवाने का दावा कर रहे हैं और दूसरी तरफ आपके मंत्री जहर उगल रहे हैं। इजरायल ने दो टूक शब्दों में कह दिया कि वह अपनी रक्षा करना बखूबी जानता है। इस फटकार के बाद जो मंत्री लगातार पोस्ट पर पोस्ट कर रहे थे, अब उनकी तरफ से खामोशी नजर आ रही है।

एक बयान से बिगड़ी इमेज

यह पूरा मामला पाकिस्तान के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है, क्योंकि वह इस समय पूरी दुनिया के सामने अपनी अच्छी इमेज बनाने की कोशिश कर रहा था। अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों की जो शांति हुई है, उसका श्रेय पाकिस्तान खुद लेना चाहता है लेकिन उनके रक्षा मंत्री के इस एक बयान ने पाकिस्तान की उस अच्छी छवि को काफी चोट पहुंचाई है, जिसे चमकाने की वह लंबे समय से मेहनत कर रहा था।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस खींचतान का असर होने वाली शांति वार्ता पर भी पड़ेगा? इजरायल ने तो साफ कह दिया है कि उसे पाकिस्तान का यह दोहरा रवैया बिल्कुल पसंद नहीं आया। इस पूरी बात से यही समझ आता है कि जब आप दुनिया के बड़े मंच पर शांति की बातें करते हैं, तो आपकी भाषा भी वैसी ही होनी चाहिए। देखना यह होगा कि इजरायल की इस फटकार के बाद ख्वाजा आसिफ और पाकिस्तान की सरकार अपनी सफाई में क्या कहती है।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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