तेहरान/तेल अवीव। ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव अब सीधे युद्ध की शक्ल लेता जा रहा है। अमेरिका द्वारा ईरान की तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों पर किए गए हवाई हमले के जवाब में, ईरान ने इजराइल पर बड़ा मिसाइल हमला कर दिया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि यह अब तक का सबसे बड़ा हमला है जिसमें इजराइल के 14 महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करते हुए इजराइल के हाइफा और तेल अवीव जैसे अहम शहरों को निशाना बनाया। हाइफा में एक मिसाइल गिरने के बावजूद सायरन नहीं बजा, जिससे इजराइली सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। IDF ने पुष्टि की है कि करीब 40 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से कुछ ने सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है।
भारतीय समयानुसार रविवार सुबह 4:30 बजे अमेरिका ने ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान न्यूक्लियर साइट्स पर हमला किया। ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि, यह हमला पूरी तरह सफल रहा और इन ठिकानों को ‘obliterate’ कर दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान नहीं रुका तो और भी बड़े हमले किए जाएंगे।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत उन्हें आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है। अमेरिका का हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों, UN चार्टर और NPT का उल्लंघन है। उन्होंने इसे अवैध और खतरनाक बताया।
तेल अवीव में लगातार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। सरकार की ओर से नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए अलर्ट भेजा गया है। भास्कर रिपोर्टर वैभव पालनीटकर ने बताया कि उनके मोबाइल में भी क्रिटिकल अलर्ट आया और बंकर में जाते वक्त उन्हें धमाके सुनाई दिए।
सऊदी अरब की परमाणु रेगुलेटरी एजेंसी ने बयान जारी कर बताया कि अमेरिका के हमलों के बाद गल्फ में किसी तरह के रेडियोएक्टिव प्रभाव नहीं पाए गए हैं। पर्यावरण फिलहाल सुरक्षित है।
ईरान से छोड़े गए दो ड्रोन को इजराइल की वायुसेना ने मार गिराया है। इनकी वजह से अरावा इलाके में सायरन बजे और दहशत फैल गई। अनुमान है कि ये ड्रोन अमेरिकी हमले से पहले ही लॉन्च किए गए थे।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई इस समय किसी अज्ञात बंकर में छिपे हुए हैं। उनकी लोकेशन को ट्रैक न किया जा सके इसलिए सभी इलेक्ट्रॉनिक संचार बंद कर दिए गए हैं। अभी तक उन्होंने कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
अमेरिका के प्रमुख शहरों – न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन डीसी, लॉस एंजेलिस, सैन फ्रांसिस्को को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एयरपोर्ट्स और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अमेरिका को अंदेशा है कि ईरान किसी भी रास्ते से जवाबी कार्रवाई कर सकता है।