यूक्रेन से 500 बिलियन डॉलर का रेयर मिनरल खरीदना चाहता है अमेरिका, देश की सेफ्टी के बदले ये डील करेंगे जेलेंस्की
Publish Date: 26 Feb 2025, 2:34 PM (IST)Reading Time: 3 Minute Read
यूक्रेन ने अमेरिका को रेयर अर्थ मटेरियल (दुर्लभ खनिज) देने का निर्णय लिया है। दोनों देशों के अधिकारियों ने इसकी घोषणा की। साथ ही डोनाल्ड ट्रम्प का दावा है की राष्ट्रपति जेलेंस्की इस डील को कन्फर्म करने के लिए शुक्रवार को अमेरिका का दौरा कर सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 1 महीने से अमेरिका यूक्रेन पर दुर्लभ खनिज देने को लेकर दबाव बना रही थी। उनका कहना था की अगर यूक्रेन को अमेरिकी मदद चाहिए तो उसे 500 बिलियन डॉलर के दुर्लभ मिनरल्स अमेरिका को देने होंगे। साथ ही धमकी देते हुए कहा कि यदि उन्होंने ऐसा नहीं किया तो अमेरिका यूक्रेन को और मदद देना बंद कर देगा।
हम वह पैसा वापस चाहते हैं- ट्रम्प
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने यूक्रेन के साथ नई खनिज डील में 500 बिलियन डॉलर के खनिज की मांग छोड़ दी है। लेकिन उसने यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने से इनकार कर दिया है, जिसका अमेरिकी अधिकारी विरोध कर रहे थे। इस डील के तहत, यूक्रेन ने अमेरिका से सुरक्षा गारंटी की मांग की थी, जबकि अमेरिका दुर्लभ खनिजों के बदले यूक्रेन के पुनर्विकास में मदद करने पर सहमत हुआ। इस बीच, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका ने अब तक यूक्रेन को 300 से 350 बिलियन डॉलर की सहायता दी है और वह पैसा वापस चाहता है, जिससे अमेरिकियों को उनका धन वापस मिलेगा।
दुर्लभ खनिजों की रेस में चीन सबसे आगे
अमेरिका यूक्रेन से लिए जाने वाले खनिजों का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक कार, हथियार और सैन्य उपकरण बनाने में करना चाहता है। दुर्लभ खनिजों की ग्लोबल सप्लाई चेन में फिलहाल चीन सबसे बड़ा प्लेयर है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन दुनिया के 69% दुर्लभ खनिजों का उत्पादन करता है, जबकि 90% दुर्लभ खनिज चीन में ही प्रोसेस होते हैं। दरअसल, ट्रम्प दुर्लभ खनिजों की सप्लाई में अमेरिका का हिस्सा बढ़ाना चाहता है। लेकिन फिलहाल चीन के रेस में आगे होने के कारण ट्रम्प के लिए ये चिंता की बात है। इससे अमेरिका का आर्थिक और सैन्य मोर्चे पर दांव कमजोर पड़ सकता है।
यूक्रेन के पास दुनिया का 5% कच्चा माल
यूक्रेन के पास रेयर अर्थ मटेरियल के दुनिया के कुल कच्चे माल का लगभग 5% है। इसमें ग्रेफाइट का लगभग 19 मिलियन टन भंडार शामिल हैं। इसके अलावा यूरोप के कुल लिथियम भंडार का 33% हिस्सा यूक्रेन के पास है। जंग की शुरुआत से पहले ग्लोबल टाइटेनियम उत्पादन में 7% हिस्सा यूक्रेन का था।
यूक्रेन के पास रेयर अर्थ मटेरियल के कई अहम भंडार हैं। हालांकि, जंग के बाद इनमें से कई रूस के कब्जे में पहुंच गए हैं। यूक्रेनी मंत्री यूलिया स्विरीडेन्को के मुताबिक रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी हिस्से में 350 अरब डॉलर के संसाधन मौजूद हैं।
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