Aniruddh Singh
16 Jan 2026
नई दिल्ली। दुनिया की प्रमुख पेय पदार्थ कंपनी कोका-कोला के ग्लोबल प्रेसिडेंट और मुख्य वित्त अधिकारी जॉन मर्फी के अनुसार, भारत में कोका-कोला की विकास गति इस साल मजबूत बनी रहने की उम्मीद है। आने वाले सालों में भारत कंपनी के शीर्ष तीन वैश्विक बाजारों में शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत का खुदरा परिदृश्य तेजी से विकसित हो रहा है और घरेलू मांग तेजी से बढ़ रही है। जॉन मर्फी ने कहा वर्ष 2025 में कुछ चुनौतियों के बावजूद भारत में उपभोक्ता भावना काफी मजबूत रही है। अपेक्षा से अधिक मानसून जैसी मौसम से जुड़ी बाधाओं और अपेक्षाकृत छोटे ग्रीष्मकाल की वजह से कोका-कोला को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गर्मी का मौसम पेय पदार्थों की बिक्री के लिहाज से अहम माना जाता है। उसके कमजोर रहने से बिक्री प्रभावित हुई है। इसके बावजूद कंपनी को भरोसा है कि भारत का बाजार दीर्घकालिक रूप से बेहद सशक्त है। इस साल विकास की रफ्तार फिर से तेज होगी।
वर्तमान में भारत, बिक्री की मात्रा के लिहाज से कोका-कोला का पांचवां सबसे बड़ा बाजार है। यहां कंपनी अपने बॉटलिंग आर्म हिंदुस्तान कोका-कोला बेवरेजेज और अन्य साझेदार बॉटलर्स के माध्यम से काम करती है। जब जॉन मर्फी से पूछा गया कि क्या भारत भविष्य में कोका-कोला के शीर्ष तीन बाजारों में शामिल हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि भारत सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। यहां वे सभी बुनियादी चीजें मौजूद हैं, जो उसे आने वाले सालों में कोला-कोला के शीर्ष तीन बाजारों में जगह दिला सकती हैं। मर्फी के अनुसार, भारत कोका-कोला के वैश्विक पोर्टफोलियो में सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है। यहां की बड़ी आबादी, युवा वर्ग, बढ़ती आय और बदलती जीवनशैली कंपनी ने कंपनी के लिए बड़े अवसर पैदा किए हैं।
भारत में उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता और खपत की प्रवृत्ति में लगातार सुधार हो रहा है, जो दीर्घकालिक विकास के लिए अनुकूल है। उन्होंने कहा भारत सरकार ने पिछले 10 से 15 वर्षों में खपत को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। बुनियादी ढांचे में बड़े पैमाने पर निवेश, देशभर में बिजली की उपलब्धता और अर्थव्यवस्था का तेजी से डिजिटलीकरण ऐसे कारक हैं, जिन्होंने बाजार को अधिक सक्रिय और सशक्त बनाया है। मर्फी का मानना है कि यह कोई एक या दो साल की प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक लंबी यात्रा है, जिसका सकारात्मक असर आने वाले कई वर्षों तक दिखता रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने निवेश को प्रोत्साहित करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और उपभोक्ता मांग में निरंतरता बनी रहती है। यही कारण है कि कोका-कोला जैसी वैश्विक कंपनियां भारत को भविष्य के विकास केंद्र के रूप में देख रही हैं।